जब दंगाइयों, अमेरिकी प्रतिष्ठान और मीडिया ने शेख हसीना के पतन का जश्न मनाया, तो बांग्लादेश के हिंदुओं के सामने एक भयावह सच्चाई उभरने लगी - वे अब जिहादियों की दया पर थे, जो सड़कों पर घूम रहे थे और उन्हें शिकार बनाने के लिए बेचैन थे।
गुना के वंदना कॉन्वेंट स्कूल में छात्र असेंबली कार्यक्रम हो रहा था। उस कार्यक्रम में एक छात्र ने संस्कृत का श्लोक बोल दिया, जिस पर स्कूल की प्रिंसिपल भड़क गईं और छात्र के हाथ से माइक छीन लीं।
बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर पर सुबह-सुबह भारत विरोधी नारे लिखे गए। यही नहीं, पीएम मोदी के साथ ही भारतीय मूल के कनाडाई सांसद चंद्र आर्य को भी हिंदू आतंकवादी लिखा गया।
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर अत्याचार लगातार जारी है। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हिंदुओं पर ताजा हमला हुआ है, जिसमें 60 लोग घायल हो गए हैं।