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मौलाना साद सिर्फ छुप कर बैठा नहीं है, खुद के लिए जुटा रहा समर्थन, फैला सकता है हिंसा: रिपोर्ट्स

तबलीग़ी जमात का एक सदस्य मोहम्मद आलम सीधे तौर पर मौलाना साद को इस सबका जिम्मेदार ठहराते हुए कहता है कि मौलाना साद ने अपने अज्ञान और जिद के कारण समुदाय को इस महामारी के मुँह में ढकेल दिया है। लियाकत अली खान नाम का दूसरा व्यक्ति सवाल करता है कि वो छिपा क्यों बैठा है, क्यों नहीं अपनी वायरस जाँच करवा रहा?

4.1 दिन में ही दोगुनी हो गई कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या, तबलीगी जमात नहीं होता तो लगते 7.4 दिन

कल से आज तक 472 नए मामले सामने आए हैं, जिससे देश में कोरोना संक्रमित कुल मामलों की संख्या अब 3374 तक पहुँच चुकी है। अग्रवाल ने यह भी बताया कि अब तक देश के 274 जिलों से कोरोना संक्रमण के केसेस आ चुके हैं। जबकि भारत में अब तक कोरोना के कारण मरने वालों की संख्या 79 हो चुकी है, जिसमें से 11 शनिवार और रविवार को मिलाकर हुई हैं।

टेस्टिंग, ट्रेसिंग, आइसोलेटिंग और क्वारन्टाइन हमारी प्राथमिकता: PM मोदी

"सभी राज्यों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अलग से अस्पताल की व्यवस्था हो। इलाज करने वाले डॉक्टरों की सुरक्षा के उपाय किए जाएँ। COVID-19 के उपचार के संबंध में डॉक्टरों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग की सुविधा भी प्रदान की जाए।"

दुनिया को तबाह करना चाहता था चीन: डॉक्टर ने खोली पोल तो मिली जान से मारने की धमकी, अब हैं लापता

डॉ फेन के मुताबिक, 30 दिसंबर को प्रयोगशाला में पता चला कि यह विषाणु ‘SARS Coronavirus’ जैसा है। डॉ फेन ने रिपोर्ट की तस्वीर लेकर अपने वरिष्ठों और सरकारी अधिकारियों को भेजी। शाम तक यह तस्वीर वुहान के सभी डॉक्टरों के पास पहुँच गई। डॉक्टर ली वेनलियांग ने इसे सोशल मीडिया पर डालकर दुनिया भर को बताया कि नया कोरोना विषाणु फैल रहा है।

21 साल के भारतीय युवक का चीनी सेना ने किया अपहरण: अंतरराष्ट्रीय नियमों की उड़ाई धज्जियाँ, भारतीय एजेंसियाँ सख्त

तागिन कल्चरल सोसाइटी ने गवर्नर से प्रार्थना की है कि वो इस मामले को केंद्र के सामने उठाएँ और शीघ्रतापूर्वक सिंग्कम की रिहाई सुनिश्चित करें।

सस्ते सौदे में कोरोना से जंग… लेकिन देर करेंगे तो समस्या विकराल होती जाएगी

संभलिए, मान जाइए, घर पर रह कर जंग लड़ने के इस आसान से अवसर को गँवा कर बड़ी जंग मत हारिए। सारा विश्व इस साझी समस्या का शिकार है और इस रूप में ही सही, सम्पूर्ण मानवता अब एक परिवार की तरह नज़र आ रही है। यानी मजबूरियाँ हमें ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ तक ले आई हैं, अब हमें अपने प्रयासों से इसे ‘सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया:’ की ओर ले जाना है।

कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में भारत को अमेरिका देगा 2.9 मिलियन डॉलर की मदद

यह राशि फरवरी में अमेरिका की ओर से घोषित 10 करोड़ डॉलर की मदद के अलावा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक लेबोरेटरी सिस्टम, ऐक्टिव केस ढूँढने, निगरानी और टेक्निकल एक्सपर्ट्स की मदद संबंधी तैयारियों आदि को दुरुस्त करने के काम में इस पैसे का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

कोरोना से जंग लड़ने के लिए भारतीय सेना तैयार: ‘ऑपरेशन नमस्ते’ का ऐलान, मात्र 6 घंटे का प्लान

जनरल नरवणे ने कहा- कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हम अलग-अलग स्तर पर तैयारियों में जुटे हैं। हमें नहीं पता कि आगे स्थितियाँ कैसी बनेंगीं लेकिन हम हर स्थिति से निपटने को तैयार हैं।

विदेश से भारत आए कोरोना संक्रमितों में से आधे इस्लामी मुल्कों से लौटे, सबसे ज्यादा 105 दुबई से

भारत में कोरोना संक्रमितों के आँकड़ों का विश्लेषण करने पर एक चौंकाने वाले बात सामने आती है। 300+ संक्रमण के मामले उन लोगों के हैं जिनका प्रत्यक्ष रूप से विदेश यात्रा का इतिहास रहा है। इनमें से भी 142 पॉजिटिव मामले उन लोगों के हैं, जो मध्य-पूर्व के इस्लामी मुल्कों से लौटे हैं।

Covid-19: भारत के राष्ट्रीय चरित्र और संकल्प की प्रयोगशाला सिद्ध होगी यह परीक्षा

अगर भारतवासी इन मुश्किल दिनों और कठिन परीक्षाओं के लिए एक परिवार के रूप में, एक राष्ट्र के रूप में एकजुट होते हैं, तो कोरोना को निश्चित रूप से पराजित होना पड़ेगा। भारतीय संस्कृति के आधारभूत विचार ‘वसुधैव कुटुम्बकम्' के निर्णायक आत्मसातीकरण का क्षण निकट है।

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