Wednesday, April 1, 2020

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Indian Independence

पाकिस्तान कर रहा है घुसपैठ, मुँहतोड़ जवाब देने के लिए हम तैयार- लेफ़्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह

जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “अभी तक आपने सब कुछ अच्छे तरीक़े से संभाला हुआ है, आपका आर्मी कमांडर होने के नाते मुझे आप सभी पर गर्व है, जो भी चुनौती हमारे सामने आएगी हम उस पर अच्छी तरह से फ़तह पाएँगे।”

बालाकोट एयरस्ट्राइक: पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराने में मिंटी अग्रवाल ने निभाई थी अहम भूमिका

ग़ौरतलब है कि वायु सेना के विंग कमांडर वर्धमान अभिननंदन ने पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान मार गिराया था। उनकी इस वीरता में उनकी सहयोगी मिंटी अग्रवाल ने अहम भूमिका निभाई थी। उस समय वो वायु सेना के रडार कंट्रोल स्टेशन पर तैनात थीं।

अब तक 5 वीरता पुरस्कार लेने वाले हर्षपाल सिंह: गोली-छर्रे लगने से गंभीर रूप से घायल फिर भी…

हर्षपाल और उनकी टीम ने जम्मू में झज्जर-कोटली में पिछले सितंबर में तीन आतंकवादियों का ख़ात्मा किया था। मुठभेड़ में गोली और छर्रे लगने से वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे, पर वो आतंकियों के सामने मज़बूती से डटे रहे और उन्हें मार गिराने तक पीछे नहीं हटे।

PM मोदी ने किया चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ पद का ऐलान, कारगिल युद्ध के दौरान उठी थी माँग

कारगिल युद्ध के बाद जब 2001 में तत्कालीन डिप्टी पीएम लाल कृष्ण अडवाणी की अध्यक्षता में गठित ग्रुप ऑफ़ मिनिस्टर्स (GOM) ने समीक्षा की तो पाया कि तीनों सेनाओं के बीच समन्वय की कमी रही है। तब इस बात पर ग़ौर किया गया कि...

जनसंख्या विस्फोट पर PM मोदी ने जताई चिंता, कहा- सीमित परिवार रखना भी है देशभक्ति

"बच्चे के जन्म से पहले उसकी जरूरत के बारे में जरूर सोचें। शिक्षित वर्ग ऐसा ही करता है। स्वयं की प्रेरणा से अगर आप परिवार सीमित रखते हैं तो ना सिर्फ आपका बल्कि देश का भी भला होता है और यह भी एक तरह की देशभक्ति है।"

…15 अगस्त 1947 को जब लंदन में अंग्रेजी झंडा उतार कर फहराया गया था तिरंगा!

15 अगस्त 1947 को लंदन के इंडिया हाउस में लाल कुमार नृपेंद्र नाथ शाहदेव ने तिरंगा फहराया था। शाहदेव भारतीय स्काउटिंग टीम के कप्तान थे। इंडिया हाउस में यूनियन जैक की जगह भारतीय तिरंगा फहराया गया था, और इसकी अध्यक्षता अनुग्रह नारायण सिंह ने की थी।

…वो 5 देश जो भारत के साथ 15 अगस्त को ही मनाते हैं अपना स्वतंत्रता दिवस, अंग्रेज थे सिर्फ एक के ‘मालिक’

रिपब्लिक ऑफ़ कांगो मध्य अफ्रीकी देश है जिसे 15 अगस्त 1960 को आज़ादी मिली थी। अफ्रीका के इस देश को फ्रांस की दासता से आज़ादी मिली थी। 1880 से फ्रांस का क़ब्ज़ा कांगो पर था, इसे फ्रेंच कॉन्गो के तौर पर जाना जाता था।

370 इतना ही अच्छा था तो यह अस्थायी क्यों था? PM ने किया ₹100 लाख करोड़ के निवेश का ऐलान

"जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में जो पुरानी व्यवस्था थी उसने वंशवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। महिलाओं, बच्चों व दलितों के साथ भेदभाव हो रहा था। अनुच्छेद 370 पर हमारे निर्णय का विरोध करने वालों से मेरा सवाल यह है कि अगर ये इतना ही महत्वपूर्ण था तो इसे स्थायी क्यों नहीं बनाया गया?"

अंग्रेजों से लोहा लेने वाले मंगल पांडेय के वंशजों को मोदीराज में नहीं लगता है डर

पांडेय बंधु सरकार की तारीफ करते हुए कहते हैं कि भाजपा सरकार की उज्ज्वला योजना से उन्हें बिजली मिली, लोगों को घर मिले, किसानों को भी फायदा मिला और पाकिस्तान पर भी सर्जिकल स्ट्राइक की गई।

ताज़ा ख़बरें

Covid-19: दुनिया भर में संक्रमितों की कुल संख्या 853981, भारत में अब तक संक्रमितों की संख्या 1397, 35 मौतें

दुनिया भर में अब तक 853,981 लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 42,006 की मौत हो हुई है। 176,906 को सफलतापूर्वक रिकवर भी कर लिया गया है। भारत में 35 लोग अब तक इस संक्रमण से जान गॅंवा चुके हैं।

सिसली में शवों से भरे 12 जहाजों से लेकर वुहान के कोरोना तक: हमेशा गतिशील धनाढ्य वर्ग के कारण फैले ऐसे विषाणु

पैनडेमिक के पीछे कभी भी गरीब, पिछड़े और आम जीवन व्यतीत करने वालों का हाथ नहीं रहा। इसके पीछे प्राय: धनी, सुदृढ़, प्रवासी, धनाकांक्षी, गतिशील लोग होते थे और आज भी स्थिति वही है। फिर चाहे देश में पहला कोरोना केस बना वुहान से लौटा केरल का छात्र हो या लंदन से लौटी कनिका कपूर। सब एक समृद्ध समाज का हिस्सा हैं। जिनके लिए आज यहाँ कल वहाँ एक आम बात है।

तमिलनाडु में सामने आए कोरोना के 50 नए मामले, प्रदेश से निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए 1500, 501 की हुई पहचान

तमिलनाडु से 50 कोरोना के नए मरीज सामने आए हैं। आश्चर्य की बात यह कि इन 50 नए मरीजों में से 45 मरीज वह हैं, जिन्होंने दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए मजहबी सम्मेलन में हिस्सा लिया था। सम्मेलन में तमिलनाडु से शामिल होने वाले 501 जमातियों की पहचान हो गई है।

45 किचेन, रोज बाँटे जा रहे 75000 पैकेट: लगे हैं ‘सेवा भारती’ के 5000 कार्यकर्ता, गोमाता का भी रखा जा रहा ध्यान

पूरी दिल्ली में क्राउड मैनेजमेंट के लिए भी काम किया जा रहा है। जैसे, आनंद विहार में जब केजरीवाल सरकार ने हजारों-लाखों मजदूरों को यूपी सीमा पर ढाह दिया, तब वहाँ अफरातफरी मचने पर 250 संघ कार्यकर्ताओं ने जाकर लोगों को सँभालने में पुलिस की मदद की।

मक्का से लौटे, क्वारंटाइन का नियम तोड़ा, मुहर मिटाई: माँ-बेटे पॉजिटिव, पीलीभीत के 35 लोगों पर मुकदमा

अमरिया क्षेत्र के रहने वाले 35 लोग 25 फरवरी को उमरा करने के लिए सऊदी अरब गए थे, जो कि 20 मार्च को सऊदी अरब से मुंबई के एयरपोर्ट पहुँचे थे, जहाँ सभी की स्क्रीनिंग की गई। जाँच में संदिग्ध पाए जाने पर सभी लोगों को कोरोना वायरस संदिग्ध की मुहर लगाई गई थी।

प्रचलित ख़बरें

रवीश है खोदी पत्रकार, BHU प्रोफेसर ने भोजपुरी में विडियो बनाके रगड़ दी मिर्ची (लाल वाली)

प्रोफेसर कौशल किशोर ने रवीश कुमार को सलाह देते हुए कहा कि वो थोड़ी सकारात्मक बातें भी करें। जब प्रधानमंत्री देश की जनता की परेशानी के लिए क्षमा माँग रहे हैं, ऐसे में रवीश क्या कहते हैं कि देश की सारी जनता मर जाए?

केजरीवाल की खुली पोल: बिजली-पानी काट बॉर्डर पर छोड़ा, UP सरकार की बसें बनी सहारा

लॉकडाउन के बाद दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर गॉंव लौटने के लिए लोगों की भारी भीड़ दिख रही है। अब पता चला है कि इन्हें किस तरह गुमराह किया गया। दिल्ली सरकार के अधिकारी बक़ायदा एनाउंसममेंट कर अफ़वाह फैलाते रहे कि यूपी बॉर्डर पर बसें खड़ी हैं, जो उन्हें घर ले जाएँगी।

800 विदेशी इस्लामिक प्रचारक होंगे ब्लैकलिस्ट: गृह मंत्रालय का फैसला, नियम के खिलाफ घूम-घूम कर रहे थे प्रचार

“वे पर्यटक वीजा पर यहाँ आए थे लेकिन मजहबी सम्मेलनों में भाग ले रहे थे, यह वीजा नियमों के शर्तों का उल्लंघन है। हम लगभग 800 इंडोनेशियाई प्रचारकों को ब्लैकलिस्ट करने जा रहे हैं ताकि भविष्य में वे देश में प्रवेश न कर सकें।”

मेरठ लॉकडाउन: मवाना और सरधना के मस्जिदों में छिपे थे 19 विदेशी मौलवी, प्रशासन को धोखा देने के लिए बाहर से बंद था ताला

मवाना में दारोगा नरेंद्र सिंह ने शहर काजी मौलाना नफीस, एडवोकेट असलम, नईम सौफी समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 188, 269, 270 व 14 विदेशी अधिनियम, महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

लाल सलाम की फट गई डफली, जिस अंबानी-अडानी को देते थे गाली… वही उद्योगपति आज कर रहे देश की मदद

डफली बजाने से अगर कोरोना से लड़ाई लड़ ली जाती तो शायद आज JNU के वामपंथी ब्रिगेड से ही सबसे ज्यादा डॉक्टर और वैज्ञानिक निकलते। अगर प्रोपेगेंडा पोर्टलों में लेख लिखने से कोरोना भाग जाता तो राणा अयूब, सदानंद धुमे और बरखा दत्त जैसे लोगों ने अब तक वैक्सीन का अविष्कार कर लिया होता।

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