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Indian Independence

लाल किले से PM मोदी ने दिए UCC के संकेत, कहा- मौजूदा कानून कम्युनल, सेक्युलर सिविल कोड की जरूरत: ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ पर राजनीतिक...

पीएम मोदी ने लालकिले की प्राचीर से यूनिफार्म सिविल कोड को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो सिविल कोड है, वह एक प्रकार का कम्युनल सिविल कोड है।

3 बार के ग्रैमी विजेता लेकर आए ‘जन-गण-मन’ की नई प्रस्तुति: 14000 जनजातीय बच्चों ने गाकर बनाया विश्व रिकॉर्ड, हरिप्रसाद चौरसिया से लेकर लंदन...

ग्रैमी अवॉर्ड विजेता भारतीय संगीतकार रिकी केज ने राष्ट्रगान 'जन गण मन' का नया एडिशन बुधवार (14 अगस्त) की शाम को लॉन्च कर दिया।

गैंगस्टर अतीक अहमद के बेटे असद का एनकाउंटर करने वाले STF जवानों को वीरता पुरस्कार: स्वतंत्रता दिवस पर यूपी पुलिस के 17 जवानों को...

अतीक अहमद के बेटे का एनकाउंटर करने वाले पुलिस की STF टीम को राष्ट्रपति द्वारा दिया जाने वाला वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

दिल्ली में लगे इस्लामी और खालिस्तानी आतंकियों के पोस्टर, सूचना देने वालों को मिलेगा ईनाम: स्वतंत्रता दिवस से पहले पुलिस अलर्ट

दिल्ली पुलिस ने इस्लामी आतंकी संगठन अलकायदा और खालिस्तानी आतंकियों की पोस्टर लगाकर लोगों से इनके बारे में जानकारी माँगी है।

15 अगस्त को दिल्ली कूच का ऐलान, राशन लेकर पहुँचने लगे किसान: 3 कृषि कानूनों के बाद अब 3 आपराधिक कानूनों से दिक्कत, स्वतंत्रता...

15 सितंबर को जींद और 22 सितंबर को पीपली में किसानों की रैली प्रस्तावित है। किसानों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा 'टेनी' के बेटे आशीष को जमानत दिए जाने की भी निंदा की।

कौन थी वो राष्ट्रभक्त तिकड़ी, जो अंग्रेज कलक्टर ‘पंडित जैक्सन’ का वध कर फाँसी पर झूल गई: नासिक का वो केस, जिसने सावरकर भाइयों...

अनंत लक्ष्मण कन्हेरे, कृष्णाजी गोपाल कर्वे और विनायक नारायण देशपांडे को आज ही की तारीख यानी 19 अप्रैल 1910 को फाँसी पर लटका दिया गया था। इन तीनों ही क्रांतिकारियों की उम्र उस समय 18 से 20 वर्ष के बीच थी।

‘बहरों को सुनाने के लिए ऊँची आवाज़ की ज़रूरत’: ब्रिटिश सरकार को नाकों चने चबवा दिए थे भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु, शहीद दिवस...

सैंडर्स की हत्या के लिए भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव को आज ही के दिन यानी 23 मार्च 1931 को फाँसी दे दी गई थी।

PAK सेना ने उतारा मौत के घाट, आज तक नहीं मिला पार्थिव शरीर: जानें कौन थे धीरेन्द्रनाथ दत्ता, बंगाली भाषा के लिए किया था...

धीरेन्द्रनाथ दत्ता बांग्ला भाषा के बड़े पैरोकार थे और बंगाली राष्ट्रवाद के लिए लगातार लड़ते रहे। उन्हें पाकिस्तानी सेना ने 1971 में मार दिया।

जब भगत सिंह और चंद्रशेखर आज़ाद को भी करनी पड़ी थी ‘घर-वापसी’… ‘क्रांतिदूतों’ की दास्ताँ की छठी क़िस्त, शुरू से अंत तक बाँधे रखती...

कानपुर में भगत सिंह को गणेश शंकर विद्यार्थी जैसा गुरु मिल चुका था, तो चंद्रशेखर आज़ाद और बटुकेश्वर दत्त जैसा साथी भी मिला था। मनीष श्रीवास्तव ने 'क्रांतिदूत' श्रृंखला की 'घर वापसी' में बताई है सारी कहानी।

‘विद्रोह को क्रांति नहीं कहा जा सकता’: भगत सिंह ने लिखा था, समझाया भी था… काश उनकी टीशर्ट पहने लोग, ‘लाल-सलाम’ वाली भीड़ इसे...

“विद्रोह को क्रांति नहीं कहा जा सकता यद्यपि यह हो सकता है कि विद्रोह का अंतिम परिणाम क्रांति हो।” - भगत सिंह ने लिखा-समझाया था।

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