14 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें कई पाकिस्तानी बुर्ज खलीफा में अपना झंडा दिखाए जाने का इंतजार करते दिख रहे हैं। झंडा न दिखाए जाने पर हुए निराश।
प्रेमचंद की 'रंगभूमि', 'कर्मभूमि' उपन्यास हो या भारतेंदु हरिश्चंद्र का 'भारत-दर्शन' नाटक या जयशंकर प्रसाद का 'चंद्रगुप्त'- सभी देशप्रेम की भावना से भरी पड़ी है।