Sunday, October 17, 2021

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Indian Independence

अंग्रेजों ने कैसे भारतीय महिलाओं को बनाया ‘सेक्स स्लेव’: 12-15 महिलाएँ 1000 ब्रिटिश सैनिकों की पूरी रेजिमेंट को देती थीं सेवाएँ

ब्रिटिश शासन में सैनिकों के लिए भारतीय महिलाओं को सेक्स स्लैव बनाया गया था। 12-15 महिलाएँ 1,000 सैनिकों को देती थीं सेवाएँ।

अंग्रेजों के खिलाफ क्रांति की अमर मिसाल प्रीतिलता वड्डेदार: महज 21 साल की उम्र में देश के लिए दिया सर्वोच्च बलिदान

मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले कई वीर स्वतंत्रता सेनानी गुमनामी में चले गए। इनमें से एक बंगाल की पहली महिला बलिदानी प्रीतिलता वड्डेदार भी हैं।

अंग्रेजों से रेवाड़ी को दिलाई मुक्ति, स्वतंत्रता के लिए दुनिया की खाक छानी: काबुल में राव तुला राम ने ली थी आखिरी साँस

सन 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नायकों में एक राव तुला राम की आज (23 सितंबर) पुण्यतिथि है। राव तुला राम का जन्म 9 दिसंबर 1825 के दिन रेवाड़ी में हुआ था।

वो जाट राजा जिन्होंने अफगानिस्तान में बनाई भारत की पहली सरकार: नेहरू ने दी उपेक्षा, मोदी सरकार में सम्मान

जाट राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने 1915 में अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में भारत की पहली निर्वासित सरकार का गठन किया, जिसके वो राष्ट्रपति बने।

पहले खुदीराम बोस… दूसरे कौन? 20 की उम्र में मुस्कराते हुए फाँसी पर चढ़ने वाले क्रांतिकारी, जिन्होंने सुनवाई में वकील भी नहीं किया

क्रांतिकारी कन्हाईलाल दत्त को अलीपुर जेल में सत्येन्द्रनाथ बोस के साथ मिल कर गद्दार नरेन्द्र गोस्वामी को मौत के घाट उतारने के लिए जाना जाता है।

हिन्दू नरसंहारक ‘मोपला विद्रोह’ के 387 नामों को सूची से हटाना PM मोदी का ऐतिहासिक कदम: वामपंथियों के झूठ का हुआ अंत

केंद्र सरकार के फैसले का कॉन्ग्रेस, वामपंथियों और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग द्वारा विरोध उनके दशकों के प्रयास से गढ़े गए नैरेटिव के ध्वस्त होने की छटपटाहट है और उस छटपटाहट की तुलना में बहुत छोटी है जो दशकों तक हिंदुओं ने झेली है।

स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों की सूची से हटेंगे ‘मोपला विद्रोह’ के 387 नाम: आज़ादी की लड़ाई नहीं, था हिन्दुओं का नरसंहार

भारत सरकार ने 'मालाबार विद्रोह' (मोपला हिन्दू नरसंहार) में शामिल लोगों के नाम 'भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों' की सूची से हटाने का फैसला लिया है।

‘मदरसे की जगह स्कूल गए होते तो दिक्कत नहीं होती’: झंडा फहराने के बाद राष्ट्रगान भूले सपा नेता, सांसद ST हसन भी थे मौजूद

मुरादाबाद में सपा के नेताओं ने 75वें स्वतंत्रता दिवस पर झंडा तो फहराया, लेकिन राष्ट्रगान ही भूल गए। सांसद ST भी वहाँ पर मौजूद थे।

झंडा फहराने के समय ‘भारत माता की जय’ पर आपत्ति, लगाए देश-विरोधी नारे: दुकान और वाहन में तोड़फोड़, इंदौर पुलिस ने 3 को लिया...

झंडा फहराने के दौरान 'भारत माता की जय' के नारे लगाने पर दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताई और कुछ ने कुछ लोगों ने भारत विरोधी नारे लगाना शुरू कर दिए।

अमृत काल में विश्व स्तरीय लक्ष्य: PM मोदी का उद्योग, व्यापार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में विकसित देशों की बराबरी का संकल्प

लोकतांत्रिक व्यवस्था में आलोचना के लिए हमेशा स्थान रहेगा और परंपरा के अनुसार विपक्ष प्रधानमंत्री के भाषण को एक निरुत्साह वाला भाषण भी बता सकता है पर एक आम भारतीय के लिए उनका संबोधन आशा देता है और उसे प्रेरित भी करता है। 

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