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Jawaharlal Nehru

इतिहास की भूल सुधार या नई सियासी जंग? ‘सुहरावर्दी एवेन्यू’ के ‘गोपाल मुखर्जी रोड’ बनने से लगी कॉन्ग्रेसियों के ‘अंग विशेष’ में आग: जानें...

कोलकाता में 'सुहरावर्दी एवेन्यू' का नाम अब 'गोपाल मुखर्जी रोड' हुआ। कॉन्ग्रेस-वामपंथियों ने ध्रुवीकरण का आरोप लगाकर कड़ा विरोध जताया है।

PM मोदी ने नेहरू को पीछे छोड़ रचा नया इतिहास: बतौर निर्वाचित प्रधानमंत्री 4399 दिन पद पर रहने का बनाया रिकॉर्ड, वैश्विक नेताओं ने...

PM मोदी लगातार सबसे लंबे समय तक भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने वाले नेता बन गए हैं। जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा।

1937 के जिन्ना वाले एजेंडे से लेकर आज के अरशद मदनी तक, ‘वंदे मातरम’ पर कट्टरपंथ का प्रहार: भारत में अब भी जीवित है...

जिन्ना ने जो विभाजनकारी बीज बोया था, आज की कट्टरपंथी ताकतें उसे ही सींच रही। इन तत्वों की सोच में न तो पहले कोई परिवर्तन था और न आगे होगा।

नेहरू की इंटेलिजेंस की अनदेखी से लेकर इंदिरा गाँधी की CIA से जुड़ी दखलअंदाजी तक: निजी फायदे के लिए देश के हितों को बेचने...

प्रथम प्रधानमंत्री नेहरू ने खुफिया तंत्र को महत्व नहीं दिया, जिसका खामियाजा भारत को 1962 में उठाना पड़ा। इंदिरा गाँधी ने सीआईए को अंदरुनी राजनीति में दखल देने का मौका दिया।

नेहरू की किस मानसिकता के कारण भारत को चीन से मिली पराजय, कॉन्ग्रेस शासन की विफलता की साहित्यिक समीक्षा

नेहरू अपने अनुयायियों के साथ मिलकर अपनी देवताओं की छवि गढ़ने का प्रयास कर रहे थे। सभी की चुप्पी में नेहरू का डर था लेकिन दिनकर नहीं डरे।

AI वीडियो-अप्रकाशित किताब के प्रोपेगेंडा को निशिकांत दुबे ने किताबों के सत्य से धोया, नेहरू-इंदिरा-सोनिया सबकी एक साथ पोल खुलने से बौखलाई कॉन्ग्रेस

संसद में कॉन्ग्रेस बिना छपी किताब का सहारा लेकर सरकार और प्रधानमंत्री को बदनाम करने की कोशिश की। लेकिन जब निशिकांत दुबे ने छपी किताबें पेश की, तो कॉन्ग्रेस बौखला गई।

सोमनाथ, नेहरू और 17 चिट्ठियाँ: मंदिर पुनर्निर्माण के समय ‘सेक्युलर’ जवाहरलाल को एक नहींं कई दिक्कतें थी, पचा नहीं पा रहे थे सनातन धाम...

सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार से परेशान प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 17 चिट्ठियाँ लिखीं। इस दौरान राष्ट्रपति से लेकर तमाम मुख्यमंत्रियों तक को चिट्ठियाँ लिखी।

जवाहरलाल नेहरू के 51 बक्से पेपर्स को लेकर फिर हुआ विवाद, कॉन्ग्रेस ने की झूठ फैलाने की कोशिश तो सरकार ने खोली पोल: जानें...

जवाहरलाल नेहरू के '51 बक्से पत्र' किसी निजी अलमारी में बंद होने वाले कागजात नहीं, बल्कि PMML की विरासत है, जिसे सोनिया गाँधी छुपाए बैठी हैं।

‘नेहरू ने वंदे मातरम् को विदेशी आर्केस्ट्रा में गाए जाने लायक नहीं माना’: राज्यसभा में BJP नेता जेपी नड्डा ने कॉन्ग्रेस को जमकर घेरा,...

राज्यसभा में जेपी नड्डा ने कॉन्ग्रेस पर आरोप लगाया कि नेहरू की आपत्तियों और उस दौर की नीतियों के कारण वंदे मातरम को उचित सम्मान नहीं मिला।

धधकाई राष्ट्रप्रेम की ज्वाला, पर इस्लामवादियों ने नहीं किया कबूल: नेहरू ने हटवाए माँ दुर्गा की स्तुति वाले छंद, ‘वंदे मातरम के 150 साल’...

लोकसभा की कार्यसूची में ‘राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा’ शामिल की गई है इसके लिए दस घंटे का समय निर्धारित किया गया है।

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