सिंधु जल संधि के विरोध में विपक्षी विभिन्न दलों के विभिन्न सांसदों समेत कई कॉन्ग्रेसी सांसद भी थे और उनका मानना था कि भारत ने पाकिस्तान को बहुत रियायत दे दी है।
कुंभ 1954 के दूसरे शाही स्नान (मौनी अमावस्या) में खुद नेहरू के शामिल होने के फैसले ने प्रयाग में लाशों के ढेर लगा दिए। भगदड़ में करीब 1000 लोगों की जान गई।