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Jawaharlal Nehru

‘नेहरू ने वंदे मातरम् को विदेशी आर्केस्ट्रा में गाए जाने लायक नहीं माना’: राज्यसभा में BJP नेता जेपी नड्डा ने कॉन्ग्रेस को जमकर घेरा,...

राज्यसभा में जेपी नड्डा ने कॉन्ग्रेस पर आरोप लगाया कि नेहरू की आपत्तियों और उस दौर की नीतियों के कारण वंदे मातरम को उचित सम्मान नहीं मिला।

धधकाई राष्ट्रप्रेम की ज्वाला, पर इस्लामवादियों ने नहीं किया कबूल: नेहरू ने हटवाए माँ दुर्गा की स्तुति वाले छंद, ‘वंदे मातरम के 150 साल’...

लोकसभा की कार्यसूची में ‘राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा’ शामिल की गई है इसके लिए दस घंटे का समय निर्धारित किया गया है।

नेहरू ने किया कबाड़ा, पर सनातन का उपहास उड़ाने के लिए गढ़ दिया ‘हिन्दू रेट ऑफ ग्रोथ’: यूँ ही PM मोदी ने नहीं कहा...

'हिन्दू ग्रोथ ऑफ रेट' हिन्दू संस्कृति के विकास का नहीं बल्कि देश की गिरी हुई अर्थव्यवस्था से जुड़ा शब्दावली है, जिसे 1950 से अगले 3 दशक के लिए इस्तेमाल किया गया।

सरकारी पैसे से बाबरी की मरम्मत करवाना चाहते थे नेहरू: राजनाथ सिंह का कहा पूर्ण सत्य, यह रहा प्रमाण… राम की मूर्ति भी हटवाना...

जवाहरलाल नेहरू सिर्फ मस्जिद ही नहीं बनवाना चाहते थे, बल्कि राम परिवार की मूर्तियों को भी हटाना चाहते थे।

मोदी सरकार ने ईसाई प्रचारक फ्रैंकलिन ग्राहम को वीजा देने से किया इंकार, जानिए उनके पिता के धर्मांतरण मिशन और नेहरू-गाँधी परिवार से संबंधों...

फ्रैंकलिन ग्राहम का वीजा रोके जाने के बाद उनके पिता के धर्मातरण अभियान और नेहरू-गाँधी परिवार से रिश्ते फिर चर्चा में हैं।

₹12 लाख कमाई पर नेहरू वसूलते थे ₹10 लाख तो इंदिरा गाँधी ने 97.5% लगाया था कर, मोदी सरकार ने ‘टैक्स टेरर’ खत्म कर...

एक तरफ इंदिरा-नेहरू का दौर, जहाँ इनकम टैक्स रेट पहुँचा था 97.5% और आम जनता की कमाई कॉन्ग्रेस खाती थी। वहीं, पीएम मोदी के दौर में आम जनता अपनी मेहनत की कमाई को अपने पास रख सकती हैं।

पहले कहा हेल्थ इंश्योरेंस से GST हटना चाहिए, जब मोदी सरकार ने हटा लिया तो कह रहे इससे फायदा नहीं होगा: मिलिए रोंदू रवीश...

पहले रवीश कुमार ने विवाद कर आरोप लगाया कि मोदी सरकार इंश्योरेंस पर 18% GST ले रही है। अब जब GST जीरो हो गया है। फिर भी रवीश कुमार 8 साल का हवाला देकर रोना रो रहे है।

आतंकवाद पर नेहरू साधे रहे ‘मौन’, PM मोदी ने घर में घुसकर चटाई धूल: ‘भाईचारे’ से लेकर ‘मेरी गोली तो है ही’ तक पाकिस्तान...

नेहरू-मोदी के कार्यकाल में किस प्रकार भारत की नीति में पाकिस्तान के प्रति बदलाव आया। 'भाईचारे' से लेकर 'प्रतिशोध' तक का दौर कैसे बदला। आतंकवाद को लेकर किस प्रकार उठाए सख्त कदम।

पाकिस्तान से सिंधु जल संधि का ‘खलनायक’ भी नेहरू ही: संसद की अनुमति लिए बगैर किया था लागू, न वाजपेयी की सुनी-न ‘दूसरा विभाजन...

सिंधु जल संधि के विरोध में विपक्षी विभिन्न दलों के विभिन्न सांसदों समेत कई कॉन्ग्रेसी सांसद भी थे और उनका मानना था कि भारत ने पाकिस्तान को बहुत रियायत दे दी है।

भारत के मुस्लिमों को साथ नहीं ले जाना चाहता था जिन्ना, अनशन और RSS को रोक कर गाँधी-नेहरू ने सफल किया उसका प्लान: पाकिस्तानी...

गाँधी और नेहरू ने मुसलमानों को भारत में रोका, जिससे पाकिस्तान की जनसंख्या अस्थिरता टली। इश्तियाक अहमद ने इस ऐतिहासिक विडंबना को उजागर किया।

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