संसद में कॉन्ग्रेस बिना छपी किताब का सहारा लेकर सरकार और प्रधानमंत्री को बदनाम करने की कोशिश की। लेकिन जब निशिकांत दुबे ने छपी किताबें पेश की, तो कॉन्ग्रेस बौखला गई।
सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार से परेशान प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 17 चिट्ठियाँ लिखीं। इस दौरान राष्ट्रपति से लेकर तमाम मुख्यमंत्रियों तक को चिट्ठियाँ लिखी।
'हिन्दू ग्रोथ ऑफ रेट' हिन्दू संस्कृति के विकास का नहीं बल्कि देश की गिरी हुई अर्थव्यवस्था से जुड़ा शब्दावली है, जिसे 1950 से अगले 3 दशक के लिए इस्तेमाल किया गया।
एक तरफ इंदिरा-नेहरू का दौर, जहाँ इनकम टैक्स रेट पहुँचा था 97.5% और आम जनता की कमाई कॉन्ग्रेस खाती थी। वहीं, पीएम मोदी के दौर में आम जनता अपनी मेहनत की कमाई को अपने पास रख सकती हैं।