"आप दोनों (ममता और उद्धव) के पास क्षमता है कि आप पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र को अलग-अलग देश घोषित करें। अभी आप मुख्यमंत्री हैं, लेकिन ऐसा होते ही आप दोनों अपने-अपने देशों के प्रधानमंत्री बन जाएँगे।"
खालिस्तानी संगठन ने इन कार्यकर्ताओं के समर्थन में एक वेबसाइट बनाई है। उसका मानना है कि इन कार्यकर्ताओं पर देशद्रोह का चार्ज लगाकर इनसे इनका प्रोटेस्ट का अधिकार छीना गया है।
ब्रिटिश मीडिया नियामक - ऑफ़िस ऑफ़ कम्युनिकेशंस (ऑफकॉम) ने शुक्रवार को प्रो खालिस्तानी चैनल के खिलाफ यह आदेश जारी किया, जो 2019 में शुरू हुए जाँच के परिणाम पर आधारित है।
जब दीप 26 जनवरी की हिंसा को लेकर विवादों में फँसा तो उसने विभिन्न फोन का इस्तेमाल करके रीना को अलग-अलग नंबरों से संपर्क किया। साथ ही टेलीग्राम एप्लीकेशन के जरिए उन्हें वीडियोज भेजी।
हाफिज सईद का करीबी सहयोगी, गोपाल सिंह चावला ने घोषणा की है कि वह भारत में चल रहे ‘किसानों के विरोध के समर्थन में पाकिस्तान में एक ट्रैक्टर रैली का आयोजन करेगा।