गृह मंत्री अमित शाह ने यहाँ यह भी वादा किया कि जो जमीन पहले घुसपैठिए कब्जा चुके हैं, उसे भी कमिटी बनाकर खाली करवाया जाएगा और इन घुसपैठियों को बाहर भगाया जाएगा।
उन्होंने जबरन नमाज पढ़ाने की बात, गोमांस खिलाने की बात, नाम बदलने की बात सब पॉडकॉस्ट में स्वीकारी थी मगर बाद में एक पोस्ट किया कि वो लव जिहाद जैसी चीजों में मानती ही नहीं।
रतन टाटा का जीवन इस बात की याद दिलाता है कि लीडरशिप का आँकलन केवल उपलब्धियों से ही नहीं होता, बल्कि सबसे कमजोर लोगों की देखभाल करने की उसकी क्षमता से भी होता है।