विषय: पाकिस्तान प्रेम

क्या बदल गया है ‘हज़ार जख्म दे कर मारेंगे’ से कराची वालों के ‘अल्ला खैर करे’ तक? (भाग-2)

पाकिस्तान की समस्या यह है कि उसका दम्भ भी भीख पर टिका हुआ है और अमेरिका समेत कई यूरोपीय देशों ने उसके कटोरे में सिक्के डालने से मना कर दिया है। अब पाकिस्तान उस कटोरे को बेच कर नान और टिमाटर का जुगाड़ कर सकता है, लेकिन भारत से युद्ध की सोचने पर भी, उसकी हालत यह होगी कि वहाँ की जनता भारत के बमों से नहीं, भूख से मर जाएगी।

जिसका भाग्य गधे के लिंग से लिखा गया हो… उसे कोई चीन या विदेशी मुसलमान काम नहीं आता (भाग-1)

इनकी मूर्खता आप देखिए कि खुद खाने के लाले पड़े हैं और चाहते हैं कि कश्मीर ले कर उन्हें भी अपने जैसा बना देंगे। यही तो खिलाफत है कि खलीफा के शासन में सारे मुसलमान सिर्फ इसलिए खुश रहें कि अब तो हम इस्लामी खिलाफत में हैं और शरिया कानून है यहाँ। वो रुक कर ये तक नहीं सोचते कि ऐसे शासन में उनका जीवन स्तर क्या होगा?
एनडीटीवी

ये रिश्ता क्या कहलाता है: वो 7 मौके जब पाकिस्तानी प्रोपगेंडा के काम आया NDTV

रवीश कुमार ने पुलवामा हमले के बाद एक इंटरव्यू में कहा था कि भारतीय मीडिया बेरोजगारी जैसे मसलों की बजाए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को तूल दे रही है ताकि सत्ताधारी दल को चुनावी फायदा हो सके। पाकिस्तानी मीडिया ने इस बयान का हवाला देकर भारत पर युद्धोन्माद पैदा करने का आरोप लगाया।
सैयद अली शाह गिलानी

हम पाकिस्तानी हैं, पाकिस्तान हमारा है: भारत में रहने वाले अलगाववादी नेता का Video Viral

वीडियो वायरल होने के बाद इस पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। लोगों का कहना है कि जब वह खुद यह कह रहे हैं कि वह पाकिस्तानी हैं तो उन्हें भारत में रहने का अधिकार नहीं, उन्हें पाकिस्तान भेज दिया जाए।
पाकिस्तान स्क्रॉल

मोदी ने गुजरात में मुसलमानों को मरने दिया: Pak मीडिया में प्रोपेगेंडा वेबसाइट Scroll का लेख

पाकिस्तानी मीडिया ने स्क्रॉल के इस लेख को हाथोंहाथ लिया। इसमें मोदी की जीत के पाँच कारण गिनाए गए हैं लेकिन काफ़ी ज़हरीले तरीके से। लिखा गया है कि इलीट लोग मोदी के बेअदबी भरे भाषणों से नाराज़गी जताते हैं। इनमें अशुद्धियाँ और नाटकीयता होती है।
इमरान खान

Pak पीएम इमरान को बताया शांति का मसीहा, सस्पेंड हुए मास्टर साब

शिक्षक ने इमरान खान को शांति का मसीहा तो बताया ही और साथ ही देशभक्ति के विरोध में और भी कई सारे पोस्ट डाले थे।
राष्ट्रवाद

राष्ट्रवाद है, सिगरेट नहीं कि अल्ट्रा और माइल्ड होगा

राष्ट्रवाद अपने हर रूप, हर रंग, हर तरीके में सुंदर है। अगर अपनी मातृभूमि के लिए चिल्लाना गुनाह है तो लोगों को अपना गला हर दिन खराब करना चाहिए। ऐसे गुनाह होते रहने चाहिए।

जैश-ए-मुहम्मद की वक़ालत करते शांति-यमदूत पाकिस्तान की कथनी और करनी पर शक क्यों न हो?

पूरी दुनिया के मान और जान लेने के बाद भी वहाँ की सरकार सेना और ISI की कठपुतली होने का सबूत दे रही है, सिर्फ़ लफ्फबाजी से ख़ुद को शांति दूत का तमगा देना चाहती है, पर अब उसकी एक भी चाल क़ामयाब नहीं होने वाली, अब आने वाले समय में सबूतों और बतकही के खेल से भरोसा उठ चुका है।

आतंकी और पायलट अभिनंदन बराबर हैं ‘द वायर’ और जावेद नक़वी के लिए

ये अल्ट्रा नेशनलिस्ट क्या होता है? राष्ट्रवाद बस राष्ट्रवाद है, उसमें विशेषण लगाकर गाली बनाने वाले लोग धूर्त चिरकुटों की परम्परा से आते हैं, इनको देखते ही, राह चलते धोते रहना चाहिए, शब्दों से!
ममता बनर्जी

ममता जी! बालाकोट में जो हुआ उसका पता चल जाएगा, आप बताएँ IPS अधिकारी के साथ आपने क्या किया था?

‘दीदी' थोड़ा इंतज़ार करिए धीरे-धीरे बालाकोट में क्या-कैसे-कब हुआ...सबके जवाब दिए जाएँगे, जैसे F-16 के मिसाइल के टुकड़े दिखाकर दिए गए हैं।
इमरान ख़ान

तो इमरान ‘तालिबान’ टेरेसा को POP (Pak Occupied Patrakar) कब देंगे नोबल शांति पुरस्कार?

जब इनकी दुकान बंद होने को आती है, इन्हे लालू यादव जैसे भ्रष्टाचारियों में भी नायक दिखने लगता है। इन खलनायकों को अब एक नया नायक मिल गया है। चूँकि अब इन्हे देश के अंदर कोई नायक नहीं मिल रहा, इन्होनें पाकिस्तान का रुख किया है।
भारतीय लिबरल गिरोह

#SayNoToWar का रोना रोने वालो, कभी #SayNoToTerrorism भी कह लिया होता

बन्दूक की नाली पर सत्ता लेने की बात करने वाले जब #SayNoToWar का रोना रोने लगें, तो समझ जाइए कि दाल में कुछ काला है। जैसे ही आतंकियों पर कार्रवाई का समय आता है, ये अपने बिल से निकल आते हैं और युद्ध बनाम शांति की बहस क्रिएट कर उसमें कूद पड़ते हैं।

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