विषय: पाकिस्तान प्रेम

पाकिस्तान स्क्रॉल

मोदी ने गुजरात में मुसलमानों को मरने दिया: Pak मीडिया में प्रोपेगेंडा वेबसाइट Scroll का लेख

पाकिस्तानी मीडिया ने स्क्रॉल के इस लेख को हाथोंहाथ लिया। इसमें मोदी की जीत के पाँच कारण गिनाए गए हैं लेकिन काफ़ी ज़हरीले तरीके से। लिखा गया है कि इलीट लोग मोदी के बेअदबी भरे भाषणों से नाराज़गी जताते हैं। इनमें अशुद्धियाँ और नाटकीयता होती है।
इमरान खान

Pak पीएम इमरान को बताया शांति का मसीहा, सस्पेंड हुए मास्टर साब

शिक्षक ने इमरान खान को शांति का मसीहा तो बताया ही और साथ ही देशभक्ति के विरोध में और भी कई सारे पोस्ट डाले थे।
राष्ट्रवाद

राष्ट्रवाद है, सिगरेट नहीं कि अल्ट्रा और माइल्ड होगा

राष्ट्रवाद अपने हर रूप, हर रंग, हर तरीके में सुंदर है। अगर अपनी मातृभूमि के लिए चिल्लाना गुनाह है तो लोगों को अपना गला हर दिन खराब करना चाहिए। ऐसे गुनाह होते रहने चाहिए।

जैश-ए-मुहम्मद की वक़ालत करते शांति-यमदूत पाकिस्तान की कथनी और करनी पर शक क्यों न हो?

पूरी दुनिया के मान और जान लेने के बाद भी वहाँ की सरकार सेना और ISI की कठपुतली होने का सबूत दे रही है, सिर्फ़ लफ्फबाजी से ख़ुद को शांति दूत का तमगा देना चाहती है, पर अब उसकी एक भी चाल क़ामयाब नहीं होने वाली, अब आने वाले समय में सबूतों और बतकही के खेल से भरोसा उठ चुका है।

आतंकी और पायलट अभिनंदन बराबर हैं ‘द वायर’ और जावेद नक़वी के लिए

ये अल्ट्रा नेशनलिस्ट क्या होता है? राष्ट्रवाद बस राष्ट्रवाद है, उसमें विशेषण लगाकर गाली बनाने वाले लोग धूर्त चिरकुटों की परम्परा से आते हैं, इनको देखते ही, राह चलते धोते रहना चाहिए, शब्दों से!
ममता बनर्जी

ममता जी! बालाकोट में जो हुआ उसका पता चल जाएगा, आप बताएँ IPS अधिकारी के साथ आपने क्या किया था?

‘दीदी' थोड़ा इंतज़ार करिए धीरे-धीरे बालाकोट में क्या-कैसे-कब हुआ...सबके जवाब दिए जाएँगे, जैसे F-16 के मिसाइल के टुकड़े दिखाकर दिए गए हैं।
इमरान ख़ान

तो इमरान ‘तालिबान’ टेरेसा को POP (Pak Occupied Patrakar) कब देंगे नोबल शांति पुरस्कार?

जब इनकी दुकान बंद होने को आती है, इन्हे लालू यादव जैसे भ्रष्टाचारियों में भी नायक दिखने लगता है। इन खलनायकों को अब एक नया नायक मिल गया है। चूँकि अब इन्हे देश के अंदर कोई नायक नहीं मिल रहा, इन्होनें पाकिस्तान का रुख किया है।
भारतीय लिबरल गिरोह

#SayNoToWar का रोना रोने वालो, कभी #SayNoToTerrorism भी कह लिया होता

बन्दूक की नाली पर सत्ता लेने की बात करने वाले जब #SayNoToWar का रोना रोने लगें, तो समझ जाइए कि दाल में कुछ काला है। जैसे ही आतंकियों पर कार्रवाई का समय आता है, ये अपने बिल से निकल आते हैं और युद्ध बनाम शांति की बहस क्रिएट कर उसमें कूद पड़ते हैं।

तुम्हारी देशभक्ति के उन्माद की परिणति है पायलट का लापता होना: लिबरल गिरोह

कुछ लोगों के लिए देशप्रेम एक सहज बात नहीं होती। उन्होंने बार-बार दिखाया है कि उनकी ज़मीन कहीं और है। उनके लिए सैनिकों पर पत्थर फेंकने वालों के लिए, जवानों के घेरकर मार देने वाले नक्सलियों के लिए, देश को तोड़ने वाली शक्तियों के लिए हमेशा मानवाधिकार जैसे शाब्दिक हथियार होते हैं।
राजदीप सरदेसाई

सरदेसाई को लगता है की IAF ने पाक में पेड़ काटे, माँग रहे सर्जिकल स्ट्राइक-2 के सबूत

यह सही है कि हताहतों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है, लेकिन विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर बहुत सारी जानकारी सार्वजनिक मंच पर जारी की गई है।
महबूबा मुफ़्ती

मुझे नहीं पता कि जम्मू-कश्मीर में तिरंगे की जगह कौन से झंडे लोग लहराने को मजबूर होंगे : महबूबा

चुनाव आने वाले हैं महबूबा जी, आपकी भी मजबूरी होगी आतंक और आतंकियों को प्रश्रय देना, लगातार उनके पक्ष में बयान देना। शायद आपको भी शांति अच्छी नहीं लगती होगी?

सर्जिकल स्ट्राइक 2.0: ख़ून के प्यासे ‘अपर कास्ट हिन्दू’ मानवता के नाम पर धब्बा – वामपंथी पत्रकार गिरोह

अब वामपंथी मीडिया गिरोह के धूर्त पत्रकारों का इंतजार है कि वो कैसे हमें ज्ञान देते हैं कि 'जब पाकिस्तान शांति के लिए हाथ बढ़ा रहा है, तब हम उस पर हमला क्यों कर रहे हैं'।

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