Saturday, September 18, 2021

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Mission Shakti

#मिशन_शक्ति: अभी न होता तो कभी न होता

अगर चीन भारत के पास यह तकनीकी आने के पहले प्रतिबन्ध लगाने में सफल हो जाता तो हमारे सभी उपग्रह चीन की मिसाइलों का निशाना होते और हम कुछ न कर पाते।

2007: जब सैटेलाइट को मार गिरा चीन बना था अंतरिक्ष महाशक्ति; पढ़िए क्या कुछ हुआ था उसके बाद

जानिए कैसे चीन ने विकसित की Anti-Satellite तकनीक और किया उसका सफल परीक्षण। क्या था उस समय दुनिया की प्रतिक्रिया? उसके बाद के घटनाक्रमों का विस्तृत विवरण। रूस-अमेरिका के ऐसे परीक्षणों के बारे में जानकारी।

ASAT तकनीक 2012 से ही थी भारत में, कॉन्ग्रेस के लचर नेतृत्व के कारण फाँक रही थी धूल

2012 में DRDO के प्रमुख वीके सारस्वत थे। एक दिन उन्होंने देश को चौंका दिया, यह घोषणा करके कि भारत के पास Low Earth Orbit और Polar Orbit में परिक्रमा करने वाले सैटेलाइट को निष्क्रिय करने लायक ऐंटी सैटलाइट वेपन की सारी तकनीक और उसे बनाने के लिए सारे कल-पूर्जे मौजूद हैं।

Hey न्यूयॉर्क टाइम्स f**k you, फिर से!

भारत ने अंतरिक्ष में आज एक और कामयाबी का परचम लहराया है और मिशन शक्ति की सफलता के साथ अमेरिका, चीन, रूस के बाद भारत दुनिया का चौथा सबसे शक्तिशाली देश बन गया है।

#मिशन_शक्ति: क्या ख़ास है इसमें, जिसने भारत को बना दिया अंतरिक्ष महाशक्ति – मुख्य बिंदु

हमारे वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में 300 किलोमीटर दूर LEO (Low Earth Orbit) में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया है। ये लाइव सैटेसाइट जो कि एक पूर्व निर्धारित लक्ष्य था, उसे एंटी सैटेलाइट मिसाइल (A-SAT) द्वारा मार गिराया गया है।

मिशन शक्ति: सैटेलाइट को मार गिरा भारत बना अंतरिक्ष महाशक्ति, दुनिया का चौथा देश

"भारत ने अपना नाम अंतरिक्ष महाशक्ति के रूप में दर्ज करा लिया है। अब तक अमेरिका, रूस और चीन को ही यह उपलब्धि हासिल है। भारत चौथा देश है जिसने आज यह सिद्धि प्राप्त की है।"

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