ये गिरफ्तारियाँ ऐसे वक्त में हुई है जब बांग्लादेश ने कहा है कि भारत से उसने अवैध रूप से रह रहे अपने नागरिकों की जानकारी मॉंगी है। बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए बांग्लादेशियों ने अधिकारियों से मिलीभगत कर कुछ दस्तावेज भी बनवा रखे हैं।
महाराष्ट्र में पूर्व सरकार इस राजमार्ग का नाम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखना चाहती थी। लेकिन, शिवसेना की इच्छा पहले भी इसे बाल ठाकरे के नाम पर करने का था। और, एकनाथ शिंदे ने तब भी कहा था कि...
मृतक लड़की लगभग 6 महीने पहले यूपी के जौनपुर से शहर आई थी और भांडुप में जॉब कर रही थी। यहाँ उसे मुस्लिम समुदाय के एक सहकर्मी से प्यार हो गया और वह उससे शादी करना चाहती थी। मगर उसके पिता को यह मंजूर नहीं था। इसी बात को लेकर...
एक सूटकेस में किसी मर्द का पैर, हाथ और प्राइवेट पार्ट। उसके बाद एक स्वेटर। स्वेटर पर सिलने वाले टेलर का नाम... यही क्लू मुंबई पुलिस को बेटी द्वारा बाप के मर्डर की कहानी तक ले जाती है।
"मेरी दोस्त टिकट ख़रीदने के लिए लाइन में खड़ी थी। तभी मैंने नोटिस किया कि एक शख़्स उसे घूर रहा है। शुरुआत में हमने उसे इग्नोर किया लेकिन वह लगातार घूरे जा रहा था और हमारा पीछा कर रहा था। जब मैंने उससे पीछा करने की वजह पूछी, तो उसने अकड़कर कहा कि अगर मैं तुम्हें देख रहा हूँ, तो इसमें क्या प्रोब्लम है।"
बच्ची ने अब्दुल हामिद बहादुर अंसारी के कुकृत्यों के बारे में बताया, तो माता-पिता ने पुलिस में केस दर्ज कराया। आरोपित के ख़िलाफ़ पोस्को एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। उसे बुधवार को अदालत में पेश किया गया।
वडाला की 17 वर्षीय बीकॉम की छात्रा को हुसैनकार 30 नवंबर की शाम से ही लगातार वीडियो कॉल कर के परेशान कर रहा था। शुरुआत में उस लड़की ने अनजान नंबर होने के कारण कॉल नहीं उठाया। जब उसने कॉल उठाया तो हुसैनकार उसे अपने गुप्तांग दिखाने लगा।
संजय ने कहा कि सभी मुंबई वालों के साथ उनकी भी यही डिमांड है कि इस निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त कर देना चाहिए। गौरतलब है कि आरे में मेट्रो परियोजना के लिए पेड़ काटने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई हुई है।
मनचला मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। जॉंच के दौरान उसके व्हाट्सएप चैट में कुछ अश्लील मैसेज भी दिखे जो उसने महिलाओं को परेशान करने करने के लिए उन्हें भेजे थे।
कॉन्ग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा है कि वे हमेशा सोचते हैं कि अगर अमेरिका में मुंबई जैसा हमला होता तो वह पाकिस्तान का बुरा हाल करता। मनमोहन सरकार ने 26/11 के बाद वैसी सख्ती नहीं दिखाई थी, जिसकी उस वक़्त दरकार थी।