Tuesday, December 6, 2022

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‘नाथूराम गोडसे सदा अखंड भारत के लिए लड़े, उन्हें हिंदुत्व पर गर्व था’: तब बोली थी शिवसेना, बाल ठाकरे ने फिल्म बनाने की वकालत...

2019 में शिवसेना ने सामना में अपने संपादकीय में नाथूराम गोडसे को महान देशभक्त और सदा अखंड भारत के लिए के लिए लड़ने वाला कहा था।

एक मुहम्मदवाद के इतने खतरे, और ‘पैगंबर’ गढ़कर क्या करेंगे: कालीचरण महाराज की ‘गाली’ से गायब नहीं हो जाते गाँधी पर सवाल

क्या यह विचित्र नहीं है कि इस देश में हिंदू अराध्यों को गाली दी जा सकती है, देश के टुकड़े-टुकड़े करने की बात हो सकती है... पर गाँधी पर सवाल नहीं किया जा सकता।

‘नहीं बहाल हुआ 370 तो हम भारत के साथ रहने का फैसला वापस ले लेंगे’: बोलीं महबूबा मुफ़्ती – ‘गोडसे के हिंदुस्तान में नहीं...

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने एक बार फिर से ज़हर उगला है। उन्होंने कहा है कि हम 'गोडसे के हिंदुस्तान' में नहीं रह सकते।

नाथूराम गोडसे पर मांजरेकर बनाएँगे फिल्म, AAP नेता संजय सिंह बीच में कूदे, PM मोदी से पूछा- क्या आपकी इजाजत से बन रही है...

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजय सिंह ने रविवार को पीएम मोदी से सवाल किया कि क्या उन्होंने नाथूराम गोडसे पर बायोपिक बनाने की इजाजत दे दी है।

राहुल गाँधी जी, RSS ने महात्मा गाँधी के सीने पे 3 गोलियाँ तो नहीं मारी, लेकिन कॉन्ग्रेस ने बापू के पीठ पर 3 खंजर...

महात्मा गाँधी की हत्या के नाम पर एक बार फिर RSS को बदनाम करने का प्रयास हुआ है। फिर से यह प्रयास कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने किया है।

महात्मा गाँधी की हत्या के लिए सजा क्यों नहीं? गोडसे ने कोर्ट को क्या तर्क दिए? मुकदमे से संबंधित दस्तावेज पढ़ने पर रोक क्यों?

जब गोडसे को पूर्वी पंजाब हाईकोर्ट से सजा मिली तो अपने खिलाफ मुक़दमे और दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील का अधिकार क्यों नहीं दिया गया?

शिवाजी की प्रशंसा वाली किताब ‘शिवबवनी’ पर पाबंदी में गाँधी जी भूमिका: गोडसे Vs गाँधी की एक कहानी यह भी

52 छंदों का अमूल्य संग्रह ‘शिवबवनी’ जिसमें शिवाजी की प्रशंसा की गई है, गाँधी जी ने इस पर पाबंदी लगाने में भी अहम भूमिका निभाई।

…जब जेल में महात्मा गाँधी का बेटा और नाथूराम गोडसे की हुई मुलाकात, और फिर लिखना पड़ा उन्हें एक पत्र

"महात्मा गाँधी के बेटे देवदास शायद इस उम्मीद में नाथूराम गोडसे से मिलने गए कि कोई डरावनी शक्ल वाला, खून का प्यासा कातिल दिखेगा, लेकिन..."

कोर्ट में बैठी जनता अगर न्याय करती तो गोडसे निर्दोष घोषित होते: याचिका की सुनवाई करने वाले जज खोसला

"गोडसे सिरफिरे इन्सान बिल्कुल भी नहीं थे। वो पुणे में रहते थे जहाँ देश विभाजन का कोई असर नहीं हुआ था। वो फिर भी गाँधी को मारने गए क्योंकि..."

महात्मा गाँधी किसी मस्जिद में गीता पाठ कर सकते हैं क्या? आखिर क्यों नाथूराम गोडसे ने पूछा था यह सवाल

नेहरू सरकार नाथूराम गोडसे के बहाने सावरकर पर निशाना साधना चाहती थी। गाँधीजी की हत्या के बाद इस प्रयास पर पानी फेरते हुए गोडसे ने...

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