बुधवार (मार्च 18, 2020) की शाम 6 बजे के बाद से यस बैंक के ग्राहक सभी प्रकार की बैंकिंग सेवाओं व सुविधाओं का पूर्ववत लाभ उठा सकेंगे। बैंक के नए प्रबंध निदेशक प्रशांत कुमार ने उक्त जानकारी दी है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के जानकारी दी कि बैंक के पास नकदी की कोई कमी नहीं है।
RBI गवर्नर दास ने उम्मीद जताई कि सऊदी संकट कुछ समय के लिए है और महंगाई पर इसका सीमित प्रभाव होगा। दास ने कहा कि विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार को खर्चे कम करना होगा। दास ने भरोसा जताया कि महंगाई अगले 12 महीनों तक 4 % के नीचे बनी रहेगी।
मतलब साफ़ है कि अब उपभोक्ताओं को नकद भुगतान की बजाए ऑनलाइन भुगतान की ओर अग्रसर किया जा सकता है। केंद्रीय बैंक दिसंबर से अपने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) प्रणाली को 24x7 उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है।
'आर्थिक मंदी की आहट' के बीच वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान RBI की बैलेंस शीट में 13.42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह अब 36.17 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 41 लाख करोड़ रुपए हो गई है। इस वृद्धि में निजी और विदेशी निवेशों का अहम योगदान है।
आम आदमी को रिजर्व बैंक या उसी कार्यशैली का कुछ पता नहीं होता। इसलिए, उसे मूर्ख बनाना आसान होता है कि देखो मोदी रिजर्व बैंक को लूट रहा है। जबकि राहुल गाँधी ये नहीं बता पाएँगे कि 2013-14, 14-15, 15-16 और उसके पहले भी रिजर्व बैंक ने सरप्लस भारत सरकार को दिया या नहीं। दिया तो कितने प्रतिशत दिया।
त्यागपत्र देने के बाद विरल आचार्य वापस न्यू यॉर्क विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्राध्यापक के रूप में कार्य करेंगे ऐसी संभावना प्रबल है। आचार्य को मौद्रिक नीति के विशेज्ञ के रूप में जाना जाता है।
कॉन्ग्रेस ने ट्विटर पर पूरी बेशर्मी के साथ एक ऐसी रिपोर्ट ट्वीट की है, जिसमें 2014 में RBI का 200 टन सोना स्विट्जरलैंड भेजने की बात कही गई है। कॉन्ग्रेस ने नेशनल हेराल्ड की एक ‘खोजी रिपोर्ट’ को टैग करते हुए लिखा, “क्या मोदी सरकार ने गुपचुप तरीके से RBI का 200 टन सोना 2014 में स्विट्जरलैंड भेजा?”
भारतीय रिजर्व बैंक जल्द ही ₹500 और ₹200 के नए नोट जारी करने वाला है। इसकी जानकारी खुद आरबीआई ने ट्वीट के जरिए दी है। ये नए नोट महात्मा गाँधी की नई श्रृंखला में जारी किए जाएँगे।