Saturday, June 22, 2024

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Shariat

4 बीवी नहीं रख पाएँगे मुस्लिम, प्रॉपर्टी में बेटियों का भी होगा बराबर का अधिकार: समान नागरिक संहिता लागू होने पर ऐसे खत्म होगा...

समान नागरिक संहिता के लागू होने से न सिर्फ कानूनों में समानता आएगी, बल्कि न्यायालयों पर से भी बोझ कम होगा और लंबित मामलों में कमी आएगी।

लोगों के करोड़ों रुपए लेकर फरार हुआ ‘मुस्लिम फंड’ वाला फैजी, जमा करता था ‘हलाल’ पैसे: घर बेच कर विदेश भागने की अटकलें

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में सैकड़ों मुस्लिमों ने 'अल फैजान मुस्लिम फंड' पर पैसे हड़पने का आरोप लगाया। मुख्य आरोपित का नाम मोहम्मद फ़ैज़ी है।

तलाक-उल-सुन्नत को खत्म कराने हाई कोर्ट पहुँची मुस्लिम महिला, बताया- बर्बर रिवाज: केंद्र से अदालत ने माँगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी को किसी भी समय बेवजह तलाक (तलाक-उल-सुन्नत) मामले में केंद्र सरकार को नोटिस देकर जवाब माँगा है

लड़के-लड़कियों के साथ पढ़ने से तालिबान खफा, पैसे की कमी बता बंद की यूनिवर्सिटी: पाकिस्तान ने कहा- रूढ़ीवादी सोच मुल्क के लिए खतरा

अफगानिस्तान में सत्ता में आने के बाद तालिबान ने महिलाओं पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए, जिसको लेकर पाकिस्तान ने उसे रूढ़ीवादी बताया है।

प्रेमी के साथ थे अवैध संबंध, शौहर की शिकायत पर शरिया के तहत मिली सजा, सार्वजनिक रूप से लगाए गए 17 कोड़े: इंडोनेशिया की...

इंडोनेशिया में अपने प्रेमी के साथ अवैध संबंध रखने के कारण एक महिला को शरिया कानून के तहत सार्वजनिक रूप से 17 कोड़े लगाए गए।

पैंगबर से ज्यादा तारीफ इंसान की, गाना लिख कर वायरल करने वाले संगीतकार को अब मौत की सजा

यहाया फिलहाल हिरासत में हैं। गाना कंपोज करने के बाद से वह छिपते फिर रहे थे। जिसके कारण प्रदर्शनकारियों ने उनके परिवार के घर को जला दिया।

औरतें हलाला को मजबूर, मर्दों के लिए बनी रहे 4 बीवियों की आजादी: जिल्लत से मुक्ति कब

कभी ससुर से तो कभी देवर से। कभी मौलवी से तो कभी जीजा से। हलाला को अभिशप्त औरतें आखिर कब पितृसत्तात्मक इस्लामिक कानून से मुक्ति की आवाज बनेंगीं।

हम शरीयत से चलते हैं: गोमूत्र के कारण ‘हलाल इंडिया’ ने पतंजलि को नहीं दिया ‘Veg हलाल’ सर्टिफिकेट

जानिए Veg हलाल के बारे में। सूअर के माँस या उसके किसी भी उत्पाद को 'हलाल सर्टिफिकट' नहीं दिया जा सकता। 'हलाल इंडिया' ने साफ़ कर दिया कि वो शरिया क़ानून के हिसाब से चलता है। साथ ही संस्था ने कहा कि उत्तर-पूर्वी राज्यों के लोग साँप-बिच्छू-कुत्ता, कुछ भी खा लेते हैं।

बलात्कारों को नॉर्मल मान चुका समाज और पत्थरों से मारने की बातें

ये लड़ाई हवसी मानसिकता को सुधारने की है, लड़कियों को समाज में भोग की वस्तु के बजाय सशक्त बनाने की है... शरिया के लागू होने का सुझाव सिर्फ़ आक्रोश में उचित लग सकता है, लेकिन एक सभ्य समाज में हर अपराध पर ऐसे कानून की बात करना अनुचित है।

1.8 अरब लोगों के लिए तैयार है ‘सलाम वेब’ ब्राउज़र, ‘शरिया’ के हिसाब से होगा इसका संचालन

मैनेजिंग डॉयरेक्टर का कहना है कि उनकी कंपनी का लक्ष्य है कि वो वैश्र्विक स्तर पर इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाली लगभग 1.8 बिलियन आबादी को अपने साथ लें सकें।

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