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‘शरिया क्रूर, इस्लाम असहिष्णु, दुनिया के लिए खतरा’: हॉलैंड के MP ने कहा- नूपुर शर्मा पर गर्व करे भारत

गीर्ट वाइल्डर्स ने कहा कि जो लोग आतंकी विचारधारा और इस्लाम की आलोचना करते हैं, वे 'इस्लामोफोब' (इस्लाम से डर या नफरत) नहीं हैं। नूपुर शर्मा भी इस्लामोफोब नहीं हैं। इस्लाम पूरी तरह असहिष्णु है और यह विचारधारा दुनिया के लिए खतरा है। इस्लाम हर उस चीज के प्रति असहिष्णु है, जो इस्लामिक नहीं है।

इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद को लेकर भाजपा (BJP) की पूर्व नेता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) द्वारा की गई टिप्पणी को सही बताते हुए उन्हें समर्थन देने वाले डच सांसद गीर्ट वाइल्डर्स (Geert Wilders) ने इस्लाम असहिष्णु है और इसकी विचारधारा दुनिया के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि भारत से माफी माँगने वाले मुल्क देश बेहद क्रूर शरिया शासन से संचालित होतेे हैं और उनका मानवाधिकार का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद खराब है।

वाइल्डर्स ने कहा कि जो मुल्क अपने यहाँ के अल्पसंख्यकों की हत्या कर देते हैं और उन्हें जेल में डाल देते हैं, वे कानून द्वारा शासित एक लोकतांत्रिक देश से माफी की माँग करते हैं तो यह सबसे बड़ा पाखंड है। उन्होंने कहा कि दुनिया जानती है कि ईरान, कतर, सऊदी अरब जैसे इस्लामिक अपने अल्पसंख्यकों को कितना प्रताड़ित करते हैं। उन्होंने इस्लामिक देशों को सबसे बड़ा पाखंडी बताया।

डच सांसद ने कहा कि माफी की माँग करने वाले ज्यादातर देश OIC (ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कंट्रीज) के सदस्य हैं। ये लोग मानवाधिकार को शरिया कानून के अधीन बताते हैं, जबकि शरिया कानून बेहद क्रूर और यह मानवाधिकारों एवं स्वतंत्रता का घोर हनन करता है। उन्होंने कहा कि भारत और हॉलैंड जैसे देशों में सभी नागरिक एक समान हैं। 

वाइल्डर्स ने कहा कि नूपुर शर्मा ने जो भी कहा वह हिंदू देवी-देवताओं के मजाक उड़ाने वाले शख्स के विरोध में कहा। इसलिए उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा। एक लोकतंत्र देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत कानून के दायरे में रहते हुए किसी भी धर्म की आलोचना की जा सकती है।

नवभारत टाइम्स को दिए इंटरव्यू में वाइल्डर्स ने कहा कि नूपुर शर्मा ने जो पैगंबर मोहम्मद को लेकर जो कहा, वह सच है। सभी जानते हैं कि हदीसों में कहा गया है कि पैगंबर मुहम्मद ने जब आयशा से शादी की तब वह सिर्फ 9 साल की थी। उन्होंने कहा कि सच बोलने के लिए धमकियाँ मिलना हास्यास्पद है। भारत को सच बोलने वाली इस महिला पर गर्व करना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि जो लोग आतंकी विचारधारा और इस्लाम की आलोचना करते हैं, वे ‘इस्लामोफोब’ (इस्लाम से डर या नफरत) नहीं हैं। नूपुर शर्मा भी इस्लामोफोब (Islamophobe) नहीं हैं। इस्लाम पूरी तरह असहिष्णु है और यह विचारधारा दुनिया के लिए खतरा है। इस्लाम हर उस चीज के प्रति असहिष्णु है, जो इस्लामिक नहीं है।

वाइल्डर्स ने कहा कि अल कायदा, आईएसआईएस, तालिबान दुनिया के आपराधिक और आतंकवादी संगठन हैं। वे सिर्फ डर, हिंसा और आतंक की भाषा बोलते हैं। उन्होंने बताया कि 10-15 साल पहले उन्हें भी आतंकियों ने अपनी हिटलिस्ट में शामिल किया था। तब वे अपना घर छोड़कर करीब 17 साल सेफ हाउस में रहे थे।

बता दें कि मुस्लिम देशों द्वारा भारत से माफी की माँग करने पर हॉलैंड (Holland) में विपक्ष के नेता और सांसद गीर्ट वाइल्डर्स ने नूपुर शर्मा का समर्थन किया था। वाइल्डर्स कहा था, “यह हास्यास्पद है कि अरब और इस्लामी देश भारतीय राजनेता नुपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद के बारे में बोले गए सच से नाराज हैं, जिन्होंने वास्तव में आयशा से जब वह 6 साल की थी तब शादी की थी और जब वह 9 साल की थी तब शादी का उपभोग किया था। भारत माफी क्यों माँगता है?”

एक अन्य ट्वीट में वाइल्डर्स ने कहा था, “तुष्टिकरण कभी काम नहीं करता। यह केवल चीजों को और खराब करेगा। इसलिए भारत के मेरे प्यारे दोस्तों, इस्लामिक देशों से डरो मत। आजादी के लिए खड़े हों और अपने राजनेता नूपुर शर्मा का बचाव करने में गर्व और दृढ़ रहें जिन्होंने पैगंबर मुहम्मद के बारे में सच बोला था।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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