Saturday, March 6, 2021

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‘शिव भी तो लेते हैं ड्रग्स, फिल्मी सितारों ने लिया तो कौन सी बड़ी बात?’ – लेखिका का तंज, संबित पात्रा ने लताड़ा

मेघना का कहना था कि जब हिन्दुओं के भगवान ड्रग्स लेते हैं तो फिर बॉलीवुड सेलेब्स के लेने में कौन सी बड़ी बात हो गई? संबित पात्रा ने इसे घृणित करार दिया।

जिसे आज ताजमहल कहते हैं, वो शिव मंदिर ‘तेजो महालय’ है: शंकराचार्य ने CM योगी से की ‘दूषित प्रचार’ रोकने की अपील

ओडिशा के पुरी स्थित गोवर्धन मठ के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने ताजमहल को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि ये प्राचीन काल में भगवान शिव का मंदिर था और इसका नाम 'तेजो महालय' था।

प्रेम के प्रतीक हैं अर्धनारीश्वर शिव! श्रावण मास में जानिए वेदों के रुद्र से लोक के भोलेनाथ तक की त्र्यम्बक यात्रा

समाज के त्यक्त, तिरस्कृत और भयोत्पादक तत्त्वों को स्नेहपूर्वक अंगीकार करने वाले हैं शिव। जिस साँप बिच्छू को देखकर समाज डर जाता है, उसे...

बनारस से 30 किमी दूर मिला 3500 साल पुराना शिवलिंग, गुप्तकाल में मंदिर होने के मिले साक्ष्य

गुप्तकाल की ईटों से बने मंदिर कम मिलते हैं। बभनियॉंव का यह मंदिर उनमें से एक है। इसका अरघा एक वर्ग मीटर का है। गर्भगृह दो वर्ग मीटर से बड़ा है।

ट्रेन की एक सीट पर हिंदू देवी-देवता को जगह देना एहसान नहीं… यह होना चाहिए, यही वक्त की माँग है

राज्यों के धर्मार्थ विभाग कमाते तो मंदिरों से हैं, लेकिन उससे हज हाउस बनवाते हैं। ये वही पैसा है, जिससे मस्जिदों के इमामों को सैलरी दी जाती है। अगर उस करोड़ों की कमाई के बदले में सरकार किसी हिंदू देवी-देवता को ट्रेन में एक सीट दे देगी तो एहसान नहीं करेगी। और यह होना भी चाहिए।

IRCTC ने कहा- महाकाल एक्सप्रेस में भगवान शिव के लिए सीट रिजर्व नहीं: ओवैसी ने उठाए थे सवाल

आईआरसीटीसी ने कहा है कि स्टाफ ने पूजा के लिए ट्रेन की एक सीट पर श्री महाकाल की तस्वीरें रख दी थीं। यह सिर्फ ट्रेन के उद्घाटन के समय के लिए ही था। ट्रेन में कोई भी सीट श्री महाकाल के लिए आरक्षित नहीं होने जा रही है।

महाकाल एक्सप्रेस में महादेव को देख ओवैसी की सुलगी, लोगों ने कहा- एकतरफा सेकुलरिज्म नहीं चलेगा

महाकाल एक्सप्रेस की शुरुआत 20 फरवरी से होनी है। ट्रेन की एक सीट भगवान महाकाल के लिए आरक्षित है, जिस पर शिव मंदिर बनाया गया है। ट्रेन के बी5 कोच की सीट नंबर 64 पर इस मंदिर को स्थापित किया गया है।

रंगभरी एकादशी: काशी में दूल्हा बने महादेव कराएँगे माँ गौरा का गौना, शुरू होगा होली का हुड़दंग

यह जो रंगभरी एकादशी है, इसमें भी रंग क्या है? जिसके द्वारा जगत रंगों से सराबोर हो उठता है- 'उड़त गुलाल लाल भये अम्बर' अर्थात् गुलाल के उड़ने से आकाश लाल हो गया। आकाश इस सारे भौतिक प्रपंच का उपलक्षण है और काशी भौतिकता से आध्यात्म की यात्रा का महामार्ग।

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