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Gopal Tiwari

तुर्क ऐसा है, तुर्क वैसा है… ये केवल बॉलीवुड की फिल्मों का बकवास है, असल में नंबर वन ‘चमन’ मुल्क है तुर्की: पाकिस्तानी गधों...

तुर्की के लोग पाकिस्तान की जनता से भी ज़्यादा मूर्ख और बुद्धू हैं। कभी रूस की जगह डच का झंडा जलाते हैं तो कभी किम जोंग को हत्यारा बताते हैं।

‘अम्मी नाबालिग बच्चों की अभिभावक नहीं, बेवा को संपत्ति बेचने का अधिकार नहीं’: शरिया के आगे गोदरेज समूह बेबस, ₹227 करोड़ की लैंड डील...

नागपुर में ₹227 करोड़ की एक जमीन को लेकर गोदरेज प्रॉपर्टीज और अग्रवाल परिवार के बीच चल रहे विवाद से मुस्लिम पर्सनल लॉ फिर चर्चा में आ गया है।

जिसने राम के अस्तित्व पर उठाए सवाल, पत्रकार ने उसके हाथों अवॉर्ड लेने से कर दिया इनकार: ‘जय श्री राम’ से गूँज उठा दर्शक...

पुरस्कार स्वीकार न करने के किरण शेलार के रुख का सभागार में मौजूद लोगों ने 'जय श्री राम' के नारे के साथ भव्य स्वागत किया। दर्शकों ने भी उन्हें अवॉर्ड से ज्यादा इस स्टैंड के लिए बधाई दी।

हिंदू समूह डटे तो इस्लामी कट्टरपंथियों की निकली हेकड़ी, हाथ जोड़ माँगने लगे माफी: महाराष्ट्र में बजरंग दल कार्यकर्ता के घर पर मुस्लिम भीड़...

गणपति विसर्जन के दौरान झड़प के बाद सूरज चक्रधर के घर पर मुस्लिम भीड़ ने हमला कर दिया। इसी मामले में हिन्दू कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई की माँग की।

विवेकानन्द केंद्र की उपाध्यक्ष निवेदिता भिडे को झेलना पड़ा वामपंथियों और इस्लामवादियों के दुष्प्रचार का वार, विश्व धर्म संसद ने उनका भाषण रद्द किया

मिडिल ईस्ट आई ने इस्लामवादी प्रचारक आज़ाद एस्सा का 'कार्यकर्ताओं ने विश्व धर्म संसद में हिंदू राष्ट्रवादी मौजूदगी पर फिक्र जताई' लेख छापा था।

जहाँ मुस्लिमों ने किया काफिरों का कत्लेआम, करोड़ों खर्च कर उसी नाम का कॉन्ग्रेस CM ने किया उद्घाटन: मैसूर का अल-बद्र चौराहा

अल बद्र शब्द का इस्लामी अर्थ समझने के साथ ही यह जानना भी जरूरी है कि इसके जरिए हिंदुओं की भावनाओं को भड़काने की कोशिश की गई है।

कॉन्ग्रेस ने कारगिल विजय और सेना के शौर्य पर उठाए थे सवाल, नायकों का किया था अपमान: अब राहुल गाँधी वहाँ फैला रहे हैं...

साल 1999 में कॉन्ग्रेस ने कारगिल जीत पर न सिर्फ सवाल उठाए, बल्कि उसे 1999 की चुनावी जीत के लिए एनडीए का चुनावी हथकंडा तक करार दे दिया था।

त्रयम्बकेश्वर मंदिर को तोड़कर औरंगजेब ने बना दिया था मस्जिद, मराठों ने अपने पराक्रम से किया जीर्णोद्धार: जानिए नासिक के ज्योतिर्लिंग का इतिहास

नवंबर 1754 में मस्जिद गिराकर पेशवाओं ने त्रयम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर को दोबारा बनाया था। मंदिर का निर्माण वर्ष 1751 से 1754 तक चला था।