जो बांग्लादेशी घुसपैठिए खुद कबूल कर रहे हैं कि वह अवैध रूप से भारत में घुसे। लेकिन यह वो बात है जिसे अल जजीरा, स्क्रॉल और द वायर जैसे मीडिया संस्थान जानबूझकर पर्दे के पीछे रखते हैं।
'द वायर' ने उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ से अधिक नाम कटने पर SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे और कहा था कि वोटरों के नाम कैसे कम हो गए। लेकिन आयोग ने इसका जवाब दिया है।
दिल्ली के उत्तम नगर में तरुण कुमार की मुस्लिमों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी और द वायर इसे 'मामूली विवाद' बता रहा है। हिंदुओं के 'त्रिशूल दीक्षा' कार्यक्रम पर आर्टिकल लिख द वायर ने इसे डर जैसा बता दिया।
अस्थाई सीजफायर होते ही ईरान को विश्वगुरु साबित करने में जुट गईं। क्यों? क्योंकि तुम्हारा सहोदर पाकिस्तान वहाँ दलाली करने लगा था। बात अब उम्माह की हो गई है ना?