आरफा को कभी भी हलाला, तीन तलाक जैसे मुद्दे विरोध के लायक नहीं लगे, उन्हें दिक्कत हुई तो राम मंदिर से, वहाँ फहराते केसरिया झंडे से और भगवा कपड़ों में वहाँ पहुँचे भक्तों से।
वामपंथी प्रोपेगैंडा मशीन के रूप में कुख्यात वेबसाइट 'द वायर हिंदी' ने हिड़मा की मौत पर आर्टिकल पब्लिश किया, जिसकी हेडलाइन थी- "मोस्ट वांटेड या आदिवासी नायक?"
दिल्ली के लाल किले के पास हुए आतंकी कार ब्लास्ट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। वहीं दूसरी ओर इस निंदनीय आतंकी घटना पर वामपंथी मीडिया अपना नैरेटिव चला रही है।
'आई लव मोहम्मद' को देशभर में मजहबी उन्मादियों ने जंग का नारा बना दिया है। भीड़ इसे पत्थरबाजी, आगजनी, तोड़फोड़ के लिए इस्तेमाल कर रही है लेकिन आरफा खानम इस पर खामोश हैं।