ममता बनर्जी हर दिन पश्चिम बंगाल में हर बड़ी रैलियाँ कर रही हैं, लेकिन उसे ट्विटर पर साझा नहीं करतीं हैं, ताकि राजनीतिक रूप से सक्रीय लोगों के चुभचे सवालों से बच सकें और अपना लिबरल एजेंडा सेट कर सकें।
इस मामले में कॉन्ग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी राहुल गाँधी के विचारों से इत्तेफाक न रखते हुए भीड़ में शामिल हो रहे हैं। यह एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।
"मेरा बेटा चुनाव हिंसा में मारा गया, मगर ममता बनर्जी ने हमसे बात नहीं क्योंकि हम भाजपा समर्थक हैं। वह 14 अप्रैल को कूच बिहार आ रही हैं लेकिन अब हम उससे बात नहीं करना चाहते हैं।"
"ये क्या बनाई है भाई। मुझे तो ये केजरीवाल दिख रहा है।" उनके ट्वीट पर रिएक्शन देते हुए एक अन्य यूजर ने लिखा कि ये तो लंग्स के X-ray का प्रिंट आउट लग रहा है।
बिहार के किशनगंज जिला के नगर थाना प्रभारी अश्विनी कुमार की शनिवार को पश्चिम बंगाल में हत्या के मामले में उनकी बेटी ने इसे षड़यंत्र करार देते हुए सीबीआई जाँच की माँग की है। वहीं उनकी पत्नी ने सर्किल इंस्पेक्टर पर केस दर्ज करने की माँग की है।