"इस्लाम मुस्लिमों को कबूल नहीं करने देगा की भारत उनकी मातृभमि है। वे कभी नहीं कबूल करेंगे कि हिन्दू उनके स्वजन हैं।" राजनीतिक फायदे के लिए आंबेडकर के नाम का इस्तेमाल करने वाले भी आखिर क्यों आज उनकी इन बातों की चर्चा नहीं करते?
सुन्नी, शिया समुदाय को सच्चा नहीं मानते। शिया भी सुन्नियों को सच्चा मुस्लिम नहीं मानते। ये सालों या दशकों नहीं बल्कि सदियों से लड़ा जा रहा 'शांतिप्रिय समुदाय' का युद्ध है। इसके ख़त्म होने के भी कोई आसार नज़र नहीं आते।
पिछले साल अकेले सिंध प्रांत में ऐसे तकरीबन 1000 मामले सामने आए थे। पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने बहुत कम कोशिशें की हैं।
भगवान राम को दारूबाज बताने वाला 5 बार मुख्यमंत्री रहा। 'सेक्सी दुर्गा' अभिव्यक्ति की आज़ादी है। एमएफ हुसैन ने भारत माता की नंगी तस्वीर बनाई। ओवैसी ब्रदर्स लगातार हिन्दुओं को ललकारते हैं। ज़ाकिर नाइक ने भगवान गणेश का अपमान किया। लेकिन, गला रेता गया कमलेश तिवारी का।
जानिए Veg हलाल के बारे में। सूअर के माँस या उसके किसी भी उत्पाद को 'हलाल सर्टिफिकट' नहीं दिया जा सकता। 'हलाल इंडिया' ने साफ़ कर दिया कि वो शरिया क़ानून के हिसाब से चलता है। साथ ही संस्था ने कहा कि उत्तर-पूर्वी राज्यों के लोग साँप-बिच्छू-कुत्ता, कुछ भी खा लेते हैं।
नुसरत ने उलेमा के बयान का जवाब देते हुए कहा कि वह विवादों पर ध्यान नहीं देती हैं। उन्हें जो सही लगता है वह करती हैं। नुसरत ने कहा कि बंगाल में सभी लोग एक परिवार की तरह दुर्गा पूजा मनाते हैं।
पीटीआई नेता ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में छात्राओं के बीच बॉंटे बुर्के। कहा इससे छेड़छाड़ से बचेंगी। पिछले दिनों प्रांतीय सरकार ने स्कूलों में बुर्का अनिवार्य करने का आदेश जारी किया था। हालॉंकि विवाद होने पर इसे वापस ले लिया था।
"बड़े-बड़े रेस्तरां या होटलों में आने वाले ग्राहक बहुसंख्या में हिन्दू या गैर-मुस्लिम ही होते हैं लेकिन वे किसी ख़ास प्रकार (झटका या हलाल) पर जोर नहीं देते, जबकि मुस्लिम ग्राहक केवल हलाल पर ही जोर देते हैं। अतः इसे आर्थिक रूप से लाभकारी बनाने के लिए हिन्दुओं को ही जोर लगाना होगा।"
सियानी ने इस्लाम अपनाने के बाद अपना नाम बदल कर आयशा रख लिया है। वह जल्द ही अपने प्रेमी से निकाह करने वाली है। उसके माता-पिता ने बेटी का ब्रेनवाश कर आतंकी संगठन में शामिल किए जाने की आशंका जताई थी।
यह इस्लामिक स्कूल पिछले एक दशक से चल रहा था। छात्रों के परिवार यहाँ अपने बच्चों को कुरान की शिक्षा देने और ड्रग्स वगैरह जैसी छुड़ाने के लिए लेकर आते थे। मौलवी और मदरसे के अन्य कर्मचारी छात्रों से जबरन समलैंगिक सम्बन्ध स्थापित करते थे।