Monday, July 26, 2021
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कुरान पढ़ाने के नाम पर मदरसा में यौन शोषण, 300 छुड़ाए गए, जंजीर से बँधे थे

इस इस्लामिक स्कूल को 'हाउस ऑफ टॉर्चर' भी कहा जा रहा है। यहाँ स्थित एक 'टॉर्चर चैंबर' में छात्रों को जंजीर से बाँध कर लटका दिया जाता था और फिर उनकी पिटाई की जाती थी।

दीनी तालीम के नाम पर चलने वाले मदरसे कैसे यौन शोषण के अड्डे बन चुके हैं इसकी एक भयावह तस्वीर अफ्रीकी देश नाइजीरिया से आई है। यहॉं एक आवासीय इस्लामिक स्कूल से 300 बच्चों और पुरुषों को मुक्त कराया गया है। इनलोगों को जंजीरों से बॉंधकर रखा जाता था और हर तरीके से प्रताड़ना दी जाती थी।

प्रताड़ना का आलम यह था कि उन्हें कई दिनों तक भूखा रखा जाता था और उनका यौन शोषण किया जाता था। कडुना क्षेत्र के इस इस्लामिक स्कूल में छात्रों को कई सालों से बंधक बना कर रखा गया था। आरोपितों में मदरसे के मौलवी और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। वे छात्रों का बलात्कार करते थे

पुलिस ने गुरुवार (सितम्बर 26, 2019) को इस इस्लामिक स्कूल पर छापा मारा और पाया कि छात्रों को अमानवीय तरीके से जानवरों से भी बदतर स्थिति में रखा गया था। पुलिस ने बताया कि इन छात्रों को कुरान की शिक्षा देने के नाम पर यहाँ रखा गया था और इस्लामिक स्कूल उनके सुधार के लिए ऐसा करने का दावा करता था। इस कैम्पस को ‘हाउस ऑफ टॉर्चर’ भी कहा जा रहा है। यहाँ स्थित एक ‘टॉर्चर चैंबर’ में छात्रों को जंजीर से बाँध कर लटका दिया जाता था और फिर उनकी पिटाई की जाती थी।

यह इस्लामिक स्कूल पिछले एक दशक से चल रहा था। छात्रों के परिवार यहाँ अपने बच्चों को कुरान की शिक्षा देने और ड्रग्स वगैरह जैसी लत छुड़ाने के लिए लेकर आते थे। शिक्षक व स्कूल के अन्य कर्मचारी छात्रों से जबरन समलैंगिक सम्बन्ध स्थापित करते थे। नाइजीरिया की पुलिस ने इसे ‘ह्यूमन स्लेवरी’ का मामला करार दिया है। पीड़ितों में न सिर्फ़ बच्चे बल्कि कई व्यस्क छात्र भी शामिल हैं। कई छात्रों के शरीर पर पिटाई के निशान मिले। पुलिस ने इस मामले में इस्लामिक स्कूल के संचालक सहित 7 आरोपितों को गिरफ़्तार किया है।

पुलिस ने कहा कि 9 वर्ष या उससे कम उम्र के 100 छात्र जंजीर से बँधे मिले। मदरसे के अनुसार, वह उन्हें ‘जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए’ ऐसा कर रहा था। एक 42 वर्षीय व्यक्ति ने बताया कि वह यहाँ अप्लाइड मैथ्स पढ़ने के लिए आया था लेकिन उसे कई दिनों तक जंजीरों में बाँध कर रखा गया। पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने कई छात्रों को प्रताड़ना के कारण दम तोड़ते हुए भी देखा है। नाइजीरिया के ग्रामीण इलाक़ों में इस्लामिक स्कूलों का ही वर्चस्व है, क्योंकि वहाँ सरकारी सुविधाओं का अभाव है।

सभी छात्रों को नाइजीरिया के प्रशासन ने एक कैम्प में रखा हुआ है और उनके माता-पिता को खोजने की कोशिश जारी है। यहाँ तक कि नाइजीरिया के कई इस्लामिक स्कूलों पर बच्चों से भीख मँगवाने के भी आरोप लगते रहे हैं। वहाँ की इस्लामिक स्कूलों पर बच्चों का यौन शोषण करने के आरोप पूर्व में भी लगते रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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