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इस्लाम

मजहब के ख़िलाफ़ ग़लतफ़हमी दूर करने, महान धर्म इस्लाम के बारे में बताने के लिए Pak PM इमरान खान शुरू करेंगे इस्लामिक TV चैनल

"दुनिया को इस्लामी इतिहास से अवगत कराने के लिए टीवी चैनल पर मुस्लिमों से जुड़े कार्यक्रम और फ़िल्में दिखाई जाएँगी। मुस्लिमों के ख़िलाफ़ ग़लतफ़हमी को दूर किया जाएगा, ईशनिंदा से जुड़ी बातों को सही अर्थों में प्रस्तुत किया जाएगा।"

आखिर फेसबुक मजहबी बलात्कारियों को बचाना क्यों चाहता है? क्यों डिलीट कर रहा है खबरें?

सवाल यह कि खास मजहब वालों के अपराधी होने पर फेसबुक की इतनी क्यों जलती है कि बदबू हर तरफ फैल जाती है?

आसमान में मक्का के टाइमटेबल से पढ़ना नमाज: UAE के अंतरिक्षयात्री को मिलीं ‘इस्लामी गाइडलाइन’

इस्लाम की प्रथाओं के अनुसार नमाज़ दिन के समय के हिसाब से पढ़नी होती है, जबकि अंतरिक्ष में हज़्ज़ा को 16-16 सूर्योदय और सूर्यास्त एक दिन में दिखने थे।

स्कूली छात्राओं को बुर्का से आजादी: चिढ़े मंत्री और मौलवी, कहा- नकाब करो फिर से अनिवार्य

पाकिस्तान के संसदीय कार्य राज्य मंत्री अली मोहम्मद खान को फैसला वापस लिया जाना नागवार गुजरा है। उन्होंने ट्वीट कर स्कूल की बच्चियों के लिए बुर्का को अनिवार्य करने के फैसले को अच्छा कदम और इस्लाम तथा मदीना के उसूलों के हिसाब से बताया था।

मुहर्रम में तलवारबाजी करते हुए मोहम्मद सयूम ने गलती से काट ली अपनी ही गर्दन, मौत

तलवार से गर्दन कटने के कारण मोहम्मद सयूम का खून काफी बह चुका था, जिसके कारण उसकी रास्ते में ही मौत हो गई थी। वहीं इस घटना के संबंध में मृतक सयूम के पुत्र मोहम्मद फिरोज ने बताया कि हर साल की तरह थवई मोहल्ले से मोहर्रम के दिन जुलूस निकलता था और मोहम्मद सयूम भी इसी जुलूस में शामिल थे।

अल्लाह और मज़हब के नाम पर बॉलीवुड छोड़ने वाली ज़ायरा की नई फ़िल्म, प्रियंका के साथ पुरानी तस्वीरें वायरल

"क्या ज़ायरा वसीम के लुन्गी पहनने से इस्लाम ख़तरे में नहीं आता?" - ट्विटर पर एक यूजर ने पूछा क्योंकि बॉलीवुड छोड़ने की घोषणा करते समय ज़ायरा ने कुरान को उद्धृत करते हुए बताया था कि कैसे बॉलीवुड उन्हें कुरान के इल्म और सच के मार्ग से भटका रहा था।

इस्लाम से भी डोला PAK का भरोसा, मियाँ राजा रब्बानी बोले- उम्माह का बुलबुला फूट गया

जम्मू-कश्मीर पर अपना प्रोपगेंडा नहीं सुने जाने से तिलमिलाए पाकिस्तानी नेता अब सरकार पर ओआईसी से बाहर निकलने का दबाव बनाने लगे हैं। उनका कहना है कि मुस्लिम मुल्क अपने धंधे में व्यस्त हैं। वैसे, पाकिस्तान का खर्च इन्हीं संगठनों की खैरात से चल रहा है।

‘मुस्लिम महिलाएँ ऐसे कपड़े नहीं पहनती, कलमा पढ़कर दिखाओ’

महिला तुर्किश बाइकर जब कलमा पढ़ कर सुना देती है तो फल विक्रेता कहता है कि तुमने 'मोहम्मद' के अनुसार कपड़े नहीं पहने हैं। ऐसे कपड़े किसी को नहीं पहनने चाहिए। मुस्लिम ऐसे कपड़े नहीं पहनते हैं क्योंकि सब लोग आपका शरीर देख लेते हैं।

मैक्डॉनल्ड्स आज सिर्फ हलाल मांस बेच रहा है क्योंकि हिन्दुओं की आस्था… वो क्या होती है?

हिन्दुओं को इससे फर्क नहीं पड़ता कि वो कौन-सा मांस खा रहे हैं। जिन्हें फर्क पड़ा, तो उन्हें 'बिगट', 'कम्यूनल', 'असहिष्णु' और पता नहीं क्या-क्या कह दिया गया। क्योंकि बहुसंख्यकों का न तो कोई धर्म है, न उनकी भावना आहत होती है।

विवेकानंद का ‘सर्व-धर्म-समभाव’ इस्लाम के लिए एक मौका था, कट्टरपंथियों को सोचना होगा क्यों गँवा दिया

समुदाय विशेष को यह सोचने की ज़रूरत है कि विवेकानंद के 'सर्व-धर्म-समभाव' वाले पन्ने पर क्यों विभाजन की खूनी दास्ताँ लिखी, क्यों मुस्लिम-बहुल कश्मीर को हिन्दू-बहुल भारत का साथ मंज़ूर नहीं और क्यों कश्मीरी पंडितों के साथ वो किया, जो उन्हें नहीं करना चाहिए था।

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