विकास दुबे को भगाने के पीछे विनय तिवारी और केके शर्मा का हाथ बताया जा रहा है। इन लोगों ने ही दबिश के दौरान पुलिस की जान खतरे में डाली थी। और उन्हें मरता हुआ छोड़ कर भाग गए थे।
मोस्टवांटेड हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर अब इनाम की रकम 5 लाख रुपए कर दी गई है। इससे पहले यह इनाम राशि 2.5 लाख रुपए थी। इनामी रकम की बुनियाद पर अब विकास यूपी का सबसे ज्यादा इनामी मुजरिमी बन गया है।
तूतीकोरिन में पुलिस की हिरासत में हुई जयराज और बेनिक्स के मामले की जाँच अब सीबीआई करेगी। तमिलनाडु सरकार के आग्रह पर केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी करते हुए इस मामले की जाँच सीबीआई को सौंपी है।
पुलिस ने इन्वेस्टिगेशन के चलते 2200 नम्बरों को सर्विलांस पर लगाया है। जिससे मुठभेड़ रात तक मतलब 24 घंटे के भीतर विकास ने जिस भी किसी शख्स से बातचीत की हो उसका पता लगाया जा सके।
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। एक तरफ उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है, दूसरी तरफ उसके घर पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।