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विकास दुबे के 3 गुंडे अब तक ढेर: प्रभात और रणवीर (बऊआ) मारे गए पुलिस एनकाउंटर में

प्रभात को लाते वक़्त कानपुर हाइवे पर भौंती के पास पुलिस की गाड़ी पंचर हो गई थी। जिसका फ़ायदा प्रभात ने उठाने की कोशिश की। उसने गाड़ी में बैठे एसटीएफ के पुलिस इंस्पेक्टर से पिस्तौल छीनी और पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की। जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए...

कानपुर मुठभेड़ का मास्टरमाइंट विकास दुबे पुलिस की पकड़ से बाहर है। वहीं पुलिस ने अब हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का साथ देने वाले उसके अन्य 2 साथियों को मार गिराया है। मारे गए अपराधियों का नाम प्रभात और रणवीर शुक्ला (बऊआ) है। पुलिस ने बुधवार (8 जुलाई, 2020) को इनका एनकाउंटर किया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार विकास गैंग के बदमाश प्रभात मिश्रा को पुलिस ने फरीदाबाद के ओयो होटल से पकड़ा था। जहाँ विकास दुबे की भी छुपे होने की खबर थी। प्रभात को फरीदाबाद के कोर्ट में पेश किया गया था। जिसके बाद यूपी पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर ला रही थी।

आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि प्रभात को लाते वक़्त कानपुर हाइवे पर भौंती के पास पुलिस की गाड़ी पंचर हो गई थी। जिसका फ़ायदा प्रभात ने उठाने की कोशिश की। उसने गाड़ी में बैठे एसटीएफ के पुलिस इंस्पेक्टर से पिस्तौल छीनी और पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की। जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे मार गिराया। इस मुठभेड़ में कुछ सिपाही भी घायल हुए।

आईजी कानपुर मोहित अग्रवाल ने आगे जानकारी दी कि दूसरे एनकाउंटर में विकास दुबे गैंग का मोस्ट वांटेड क्रिमिनल रणवीर उर्फ बउअन उर्फ बऊआ इटावा में मार गिराया गया। उस पर 50,000 इनाम भी था। वह कानपुर में हुए 8 पुलिसकर्मियों की हत्या का एक आरोपी भी था।

रिपोर्ट्स के अनुसार रणवीर शुक्ला ने आधी रात महेवा के पास हाईवे से एक स्विफ्ट डिजायर कार को लूटा था। जिसके चलते पुलिस ने उसे काचुरा रोड पर घेर लिया। सरेंडर करने की जगह उसने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिसपर जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे ढेर कर दिया। लेकिन मौका देखते ही उसके अन्य तीन साथी भागने में कामयाब हो गए। पुलिस ने इलाके की नाकाबंदी कर दी है। और अन्य लोगों की तलाश जारी है।

गौरतलब है कि घटना को अंजाम देने वाले विकास दुबे के गुर्गो पर पुलिस शिकंजा कसती जा रही है। इससे पहले पुलिस ने विकास के सबसे बड़े सहयोगी अमर दुबे को एनकाउंटर में मार गिराया है। हमीरपुर में बुधवार (जुलाई 8, 2020) की सुबह यूपी एसटीएफ और हमीरपुस पुलिस को एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान ये सफलता मिली। अमर दुबे मध्य प्रदेश की सीमा में घुस कर फरार होने की कोशिश में लगा था।

इस एनकाउंटर में दो पुलिसकर्मियों भी घायल हुए हैं। एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ADG, लॉ एंड आर्डर) प्रशांत कुमार ने बताया था कि कानपुर में पुलिसकर्मियों की हत्या मामले में अमर दुबे नामजद आरोपित था। उन्होंने बताया कि अमर दुबे के ऊपर 25,000 रुपए का इनाम रखा गया था। उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उन सभी को खँगालना शुरू कर दिया है।

वहीं अब पुलिस ने 8 पुलिसकर्मियों की बेरहमी से हत्या करने वाले खूंखार गैंगस्टर विकास दुबे की मदद और दबिश की मुखबरी करने के आरोपों में निलंबित चल रहे चौबेपुर के पूर्व SHO विनय तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है और सब इंस्पेक्टर केके शर्मा की भी गिरफ्तारी हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार विकास दुबे को भगाने के पीछे विनय तिवारी और केके शर्मा का हाथ बताया जा रहा है। इन लोगों ने ही दबिश के दौरान पुलिस की जान खतरे में डाली थी और उन्हें मरता हुआ छोड़ कर भाग गए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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