Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयचेहरे पर जड़े मुक्के, बुजुर्ग सिख को मार डाला: अमेरिका के न्यूयॉर्क में फिर...

चेहरे पर जड़े मुक्के, बुजुर्ग सिख को मार डाला: अमेरिका के न्यूयॉर्क में फिर से हेट क्राइम, इससे पहले सिख युवक को पीट-पीट कर की थी पगड़ी उतारने की कोशिश

जसमेर सिंह की मृत्यु पर न्यूयॉर्क शहर के मेयर एरिक एडम्स ने दुःख जताया और कहा कि जसमेर सिंह न्यूयॉर्क शहर को प्रेम करते थे और इस पीड़ादायक मौत के हक़दार नहीं थे।

अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में एक 66 वर्षीय सिख बुजुर्ग जसमेर सिंह की हत्या कर दी गई है। जसमेर सिंह की गाड़ी एक 30 वर्षीय युवक गिल्बर्ट ऍगस्टीन की गाड़ी से लड़ गई थी। जिसके बाद गिल्बर्ट ने जसमेर सिंह पर हमला कर दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, जसमेर सिंह और गिल्बर्ट की गाड़ी न्यूयॉर्क के क्वींस इलाके में बृहस्पतिवार (18 अक्टूबर, 2023) को आपस में टकरा गईं थी। इस टक्कर में दोनों गाड़ियों को क्षति पहुँची थी। जसमेर सिंह ने इसके पश्चात 911 डायल करके पुलिस को बुलाने की कोशिश की। गिल्बर्ट ने पुलिस को बुलाने से रोक किया और जसमेर सिंह से उनका फोन छीन लिया। जसमेर सिंह अपनी गाड़ी से निकल कर उसके पीछे गए और अपना फोन वापस लेकर आने लगे। हालाँकि, गिल्बर्ट ने सुमेर जसमेर सिंह को फोन करने से रोकने के लिए उनके चेहरे पर तीन बार मुक्के जड़ दिए।

इस चोट से उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद गिल्बर्ट वहाँ से अपनी फोर्ड मुस्तांग गाड़ी में बैठ कर भाग गया। मौके पर पहुँची मेडिकल टीम ने जसमेर सिंह को बचाने का प्रयास किया लेकिन चेहरे पर तेज लगी चोट के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।

जसमेर सिंह की मृत्यु पर न्यूयॉर्क शहर के मेयर एरिक एडम्स ने दुःख जताया और कहा कि जसमेर सिंह न्यूयॉर्क शहर को प्रेम करते थे और इस पीड़ादायक मौत के हक़दार नहीं थे। मेयर एरिक एडम्स ने शहर में सिखों की रक्षा को लेकर भी बात की। गिल्बर्ट ऍगस्टीन को शुक्रवार को न्यूयॉर्क पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसका ड्राइविंग लाइसेंस पहले ही निलंबित किया जा चुका था। उसकी गाड़ी की नम्बर प्लेट फर्जी थी। ऍगस्टीन के ऊपर हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

न्यूयॉर्क में सिख समुदाय के व्यक्ति पर एक सप्ताह के भीतर हुआ यह दूसरा हमला है। पिछले सप्ताह एक 19 वर्षीय सिख युवक को एक बस में मारा पीटा गया था जब वह गुरुद्वारे जा रहा था। सिख युवक कि पगड़ी भी उतारने की कोशिश भी की गई थी और नस्लवादी टिप्पणियाँ की गई थीं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

INDI गठबंधन की बैठक में आई पार्टियाँ बजा रही थी अपनी ढपली अपना राग, उधर एक झटके में 21 सांसद हो गए कम: जानें...

एक तरफ दीदी दिल्ली में विपक्षी एकता की नई स्क्रिप्ट लिख रही थीं, तो दूसरी तरफ एक ही झटके में उनके 21 सांसद कम हो चुके थे।

बंगाल में CAA-विरोधी दंगों की जाँच के आदेश, UP स्टाइल में होगी वसूली: पढ़ें ममता सरकार ने इस्लामी कट्टरपंथियों को कैसे दी थी रेलवे...

बंगाल में 2019 के CAA विरोधी दंगों की जाँच फिर से होगी। सीएम शुभेंदु ने रेलवे को हुए 93 करोड़ के नुकसान और हिंसा की समीक्षा के आदेश दिए हैं।
- विज्ञापन -