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5 जवानों के हत्यारे लश्कर कमांडर कारी सहित दो आतंकियों को सुरक्षाबलों ने किया ढेर, मुठभेड़ में हुए 4 जवान बलिदान

दोनों आतंकियों को जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ में फिर से आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए भेजा गया था। मारे गए दोनों आतंकी आईईडी बनाने में और उसे चलाने में माहिर थे।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी के कालाकोट जंगलों में चल रही मुठभेड़ में गुरुवार (23 नवंबर, 2023) को सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया है। इनमें से एक लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर कारी है। बता दें कि आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच बुधवार (22 नवंबर,2023) से ये मुठभेड़ चल रही है।

बता दें कि राजौरी के कालाकोट में चल रही मुठभेड़ में अब तक दो अफसरों सहित 4 सैनिक शहीद हो चुके हैं। सुरक्षा बलों ने रात भर रुकने के बाद गुरुवार सुबह दोबारा से मुठभेड़ शुरू की। इसी दौरान ये दो पाक आतंकी ढेर किए गए।

कारी डांगरी गाँव में 1 जनवरी में हिंदुओं की हत्या के साथ ही कांडी ऑपरेशन में 5 जवानों की हत्या का मास्टर माइंड था। वह बीते एक साल से राजौरी के इलाके का बारीकी से निरीक्षण कर रहा था।

जानकारी के मुताबिक, दोनों आतंकियों को जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ में फिर से आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए भेजा गया था। मारे गए दोनों आतंकी आईईडी बनाने में और उसे चलाने में माहिर थे। इसके अलावा दोनों ही एक्सपर्ट स्नाइपर थे और दोनों को गुफाओं में छिपने में भी महारत हासिल थी।

जम्मू-कश्मीर में तैनात डिफेंस पीआरओ के मुताबिक, वह एक प्रशिक्षित स्नाइपर भी था। उसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान में ट्रेनिंग मिली थी।। सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से एक खुफिया इनपुट के बाद कालाकोट के जंगलों में ये ऑपरेशन शुरू किया गया था।

दरअसल, सुरक्षा बलों को कालाकोट के जंगलों में खतरनाक आंतकियों के छुपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद इस इलाके को घेर लिया गया था। जंगलों से घिरे इस इलाके में आतंकियों पर काबू पाने में समस्याएँ आती है।

जम्मू-कश्मीर में पीर पंजाल के जंगल सुरक्षा बलों के लिए हमेशा से ही चुनौती पैदा करते रहे हैं। अक्सर आतंकी इन जंगलों में ही अपना ठिकाना बनाते हैं। इस वजह से इन आतंकियों को पकड़ने और मार गिराने में मुश्किल पेश आती हैं। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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