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कहीं आग, कहीं जमीन धँसी, कहीं ढहे घर… जापान में तबाही के साथ नए साल की शुरुआत: 155 बार महसूस किए गए झटके, 30 की मौत

7.6 तीव्रता वाले भूकंप के बाद से लगातार झटके महसूस किए जा रहे हैं। अब तक अलग-अलग तीव्रता वाले कम से कम 155 भूकंप जापान में महसूस किए गए हैं। अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है। बड़े पैमाने सम्पत्ति की क्षति हुई है। मौतों का आँकड़ा बढ़ने की आशंका जताई गई है।

2024 की शुरुआत जापान के लिए तबाही लेकर आया है। भूकंप के कारण कई जगहों पर घर ढह गए हैं। मलबों में लोग दबे हैं। कई जगहों पर जमीन धँसी है। आगजनी की भी घटना हुई है। हालाँकि सुनामी को लेकर जो अलर्ट जारी किया गया था, वह अब वापस ले लिया गया है।

जापान में 1 जनवरी 2024 को रिक्टर स्केल पर 7.6 की तीव्रता वाला भूकंप आया था। इसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी। जापान के मध्य प्रांत में आए इस भूकंप में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है। बड़े पैमाने सम्पत्ति की क्षति हुई है। मौतों का आँकड़ा बढ़ने की आशंका जताई गई है।

7.6 तीव्रता वाले भूकंप के बाद से लगातार झटके महसूस किए जा रहे हैं। अब तक अलग-अलग तीव्रता वाले कम से कम 155 भूकंप जापान में महसूस किए गए हैं। अब यहाँ से नुकसान की तस्वीरें भी सामने आ रही हैं।

इन तस्वीरों और वीडियो में कहीं लोग छुपते नजर आ रहे हैं तो कहीं भूकंप के बाद का मंजर दिखाई पड़ रहा है। कहीं रोड में दरारें पड़ चुकी हैं तो कहीं एयरपोर्ट तक को नुकसान हुआ है। घर मलबे के ढेर बन गए हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने तटीय इलाकों को छोड़कर ऊँचे स्थानों पर शरण ली है। जापान के वाजिमा शहर में भूकंप के कारण आग लग गई, जिससे 14 इमारतें राख हो गईं। एक अन्य शहर में ऐसी ही घटना में 200 से अधिक इमारतें जल गईं। जमीन धँसने की खबरें भी सामने आई हैं।

जानकारी के अनुसार, जापान में आए इस भूकंप का सबसे अधिक प्रभाव इशिकावा प्रांत में हुआ है। यहाँ भूकंप के बाद सुनामी की भी चेतावनी जारी की गई थी, जिसे अब हटा लिया गया है। अब जापान सरकार राहत बचाव के काम में जुटी हुई है। जापान की आपदा प्रबन्धन एजेंसियों और सुरक्षा बलों के हजारों जवान देश में आए भूकंप के कारण मलबे में बदली इमारतों में से जीवितों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

जापान में इस भूकंप के कारण लगभग 50,000 घरों की बिजली गुल है। इन घरों को बिजली पहुँचाने वाली व्यवस्थाएँ ध्वस्त हो चुकी है। जापान में हर वर्ष लगभग 1500 छोटे-बड़े भूकंप आते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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