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जापान में 90 मिनट में 21 बार आया भूकंप, 35000 घरों में अँधेरा: सुनामी का खतरा, उठ सकती हैं 5 मीटर ऊँची लहरें; भारत ने नागरिकों के लिए जारी किए नंबर

नए साल पर जापान के मध्य और तटीय क्षेत्र में 90 मिनट के भीतर 4.0 या उससे अधिक की तीव्रता वाले भूकंप के 21 झटके महसूस किए गए। इनमें से एक की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 7.6 की मापी गई है। इसके कारण समुद्र में 5 मीटर ऊँची लहरें उठने और सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है।

2024 की पहली ही तारीख जापान के लिए भारी विपदा लेकर आई है। जोरदार भूकंप के बाद सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है। दुनिया के सबसे बड़े परमाणु उर्जा संयंत्र को भी खतरा है। भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए इमरजेंसी नंबर जारी किए हैं।

नए साल पर जापान के मध्य और तटीय क्षेत्र में 90 मिनट के भीतर 4.0 या उससे अधिक की तीव्रता वाले भूकंप के 21 झटके महसूस किए गए। इनमें से एक की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 7.6 की मापी गई है। इसके कारण समुद्र में 5 मीटर ऊँची लहरें उठने और सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है।

जानकारी के अनुसार, मध्य जापान के इशिकावा प्रांत में सोमवार दोपहर तेज भूकंप आया। इसके बाद इस इलाके से लोगों को निकाला जा रहा है। भूकंप के बाद बड़ी सुनामी की भी आशंका है। जापान के मौसम विभाग का कहना है कि सुनामी की लहरें पाँच मीटर तक ऊँची हो सकती है।

जापान की सरकार ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से तुरंत ऊँचाई वाली जगहों पर जाने को कहा है। भूकंप के कई वीडियो भी सामने आए हैं। वीडियो में धरती तेजी से हिलती हुई दिखती है और लोग बचने के लिए मेजों के नीचे शरण ले रहे हैं।

भूकम्प के कारण कुछ इलाकों में बिजली सुविधाएँ प्रभावित हुई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, जापान में 35,000 घरों को इस समय बिना बिजली के गुजारा करना पड़ रहा है। कुछ इलाकों में ट्रेन सुविधाओं को भी बंद कर दिया गया है। कुछ घरों के गिरने की सूचना भी है। कई जगह पर जमीन में बड़ी दरारें भी देखने को मिली है।

भूकंप के बाद बड़ी चिंता जापान के परमाणु संयत्रों को लेकर जताई जा रही है। हालाँकि सरकार का कहना कहा है कि अभी स्थिति सामान्य है और कोई भी गड़बड़ी नहीं पाई गई है।

7.6 तीव्रता वाले भूकंप के बाद लगातार और भी झटके जापान में महसूस किए गए हैं। जापान झटकों से पैदा हुई आपात स्थिति के लिए अमूमन तैयार रहता है, क्योंकि वहाँ साल में कई बार छोटे बड़े भूकंप आते हैं। लेकिन उसे असली खतरा सुनामी से है क्योंकि इससे पानी अनियंत्रित तरीके से शहरों में घुसता है।

भूकंप और सुनामी के खतरे के बीच जापान की सरकार लगातार लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से निकाल रही है। जापान में भूकंप आने के बाद से पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया और रूस ने भी सुनामी को लेकर चेतावनी जारी की है। यहाँ भी सरकार लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील कर रही है।

भूकंप के बाद जापान में स्थित भारतीय दूतावास ने भी एक्शन में आ गया है। टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास ने एक कंट्रोल सेंटर स्थापित किया है। अपने नागरिकों के लिए आपातकालीन नंबर जारी किए हैं। इसकी जानकारी एक्स (पहले ट्विटर) पर साझा की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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