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ट्रक में भरकर गोवंश मेवात ले जा रहे थे तस्कर, राजस्थान पुलिस ने रोका तो बरसाई गोलियाँ: जवाबी कार्रवाई के बाद भागे, सर्च ऑपरेशन में मिले 100+ गोवंश

ट्रक को पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो तस्करों ने गोलियाँ बरसानी शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। रात में अँधेरे में दोनों तरफ से लगभग 7 राउंड फायरिंग हुई। इसके बाद तस्कर ट्रक छोड़ भाग निकले।

राजस्थान के भरतपुर जिले में गोतस्करों और पुलिस के बीच रविवार (3 नवंबर 2024) की रात मुठभेड़ हो गई। इसके बाद तस्कर ट्रक छोड़ भाग गए। इस दौरान मौके पर गोरक्षा दल के सदस्य भी मौजूद थे। इन सभी ने मिलकर 25 से 30 गोवंश बचाए। इन्हें काटने के लिए मेवात ले जाया जा रहा था।

फरार तस्करों की तलाशी के दौरान पुलिस ने रात भर सर्च ऑपरेशन चलाया। तस्कर पकड़ में नहीं आए। लेकिन 100 से अधिक गोवंश बरामद किए हैं। इन सभी को गोशाला में भिजवा दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना भरतपुर के चौकी झील इलाके की है। रविवार रात लगभग 12:30 पर गोरक्षा दल से जुड़े लोगों ने QRT (क्विक रेस्पॉन्स टीम) को गोतस्करी की सूचना दी। इस सूचना पर पुलिस की अलग-अलग टीमों का गठन हुआ। पुलिस को बताया गया कि गोतस्कर खोहरा बछेना गाँव के जंगलों से ट्रक ले कर गुजरेंगे। पुलिस टीम ने घेराबंदी की तो सूचना सही पाई गई।

गोरक्षा दल के सदस्यों द्वारा बताई गई ट्रक आई तो पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की। इस पर ट्रक चालक ने पुलिस पर गोलियाँ बरसानी शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। रात में अँधेरे में दोनों तरफ से लगभग 7 राउंड फायरिंग हुई। इसके बाद गोतस्कर ट्रक छोड़ भाग निकले। ट्रक में लगभग 20 से 25 गोवंश मिले। माना जा रहा है कि इन्हें मेवात ले जाया जा रहा था।

पुलिस टीम ने फरार गोतस्करों की तलाश में रात भर सघन अभियान चलाया। कई घंटों की तलाशी के बाद एक भी गोतस्कर हाथ नहीं लगा। हालाँकि इसी तलाशी में लगभग 100 जीवित गोवंश मिले। सभी गोवंशों को बरामद कर बयाना की रुदावल श्रीकृष्ण गोशाला और भरतपुर की इकरन गोशाला भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार गोवंश अधिनियम, पुलिस टीम पर फायरिंग करने और राजकार्य में बाधा डालने का केस दर्ज किया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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