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तबाही से दुनिया को PM मोदी ने बचाया, बोले पोलैंड के मंत्री- यूक्रेन युद्ध में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करने के लिए पुतिन को मनाया: सीजफायर प्रस्ताव के बाद रूसी राष्ट्रपति ने भी दिया था धन्यवाद

यूक्रेन-रूस संघर्ष के बीच स्थितियाँ काफी बिगड़ गईं थी और डर था राष्ट्रपति पुतिन परमाणु हथियार भी उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम ICBM मिसाइल भी लॉन्च की थी। इसके बाद परमाणु हमले का खतरा बढ़ गया था।

प्रधानमंत्री मोदी 21वीं सदी के बड़े वैश्विक नेता (स्टेट्समैन) बन कर उभरे हैं। उनके चले रूस और यूक्रेन के 3 वर्ष तक चले संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री मोदी की पहल के चलते लाखों निर्दोष मारे जाने से बचे हैं। इस बात की पुष्टि रूस के पड़ोसी देश पोलैंड ने की है। पोलैंड के एक मंत्री ने बताया है कि पीएम मोदी के चलते ही रूस ने संघर्ष के दौरान परमाणु हथियार नहीं इस्तेमाल किए।

CNN-News18 को दिए गए एक इंटरव्यू में पोलैंड के उप विदेश मंत्री व्लाडिसलाव टेओफिल बार्टोस्ज़ेव्स्क ने सोमवार (17 मार्च, 2025) को कहा, “प्रधानमंत्री मोदी की वारसॉ यात्रा बहुत सफल रही। प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को परमाणु हथियारों का इस्तेमाल ना करने के लिए राजी किया। हम स्थायी शांति चाहते हैं। हम यूक्रेन में स्थिरता और शान्ति बहाली चाहते हैं।”

मंत्री बार्टोस्ज़ेव्स्क वर्तमान में भारत की यात्रा पर हैं। गौरतलब है कि यूक्रेन-रूस संघर्ष के बीच स्थितियाँ काफी बिगड़ गईं थी और डर था राष्ट्रपति पुतिन परमाणु हथियार भी उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम ICBM मिसाइल भी लॉन्च की थी। यह मिसाइल काफी घातक होती हैं और हजारों किलोमीटर तक हमला करने में सक्षम होती हैं।

इसके बाद परमाणु हमले का खतरा बढ़ गया था। इसी की तरह इशारा पोलैंड के मंत्री ने किया। उन्होंने पीएम मोदी की रूस, यूक्रेन-पोलैंड यात्रा के विषय में बात की। प्रधानमंत्री 21-22 अगस्त को पोलैंड के दौरे पर गए थे। पीएम मोदी का यह दौरा रूस-यूक्रेन संघर्ष की दृष्टि से अहम् था। इस दौरान पीएम मोदी यूक्रेन भी गए थे।

पीएम मोदी इससे पहले जुलाई, 2024 में रूस गए थे। इस दौरान वह राष्ट्रपति पुतिन से मिले थे। इन दोनों बैठकों में पीएम मोदी ने दोनों नेताओं को शान्ति की तरफ प्रयास करने के लिए मनाया था। इस विषय में हाल ही में पीएम मोदी ने जानकारी भी दी है।

लेक्स फ्रीडमैन के साथ पॉडकास्ट में पीएम मोदी ने इस विषय में बताया। उन्होंने कहा, “रूस और यूक्रेन दोनों से ही मेरे घनिष्ठ संबंध हैं। मैं राष्ट्रपति पुतिन के साथ बैठकर कह सकता हूँ कि यह युद्ध का दौर नहीं है, और मैं राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से दोस्ताना तरीके से कह सकता हूँ कि भाई, दुनिया में चाहे जितने लोग आपके साथ हों, समाधान कभी भी युद्ध के मैदान से नहीं निकलेगा।”

इन सबसे पहले हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी को धन्यवाद दिया है। राष्ट्रपति पुतिन ने यह रूस और यूक्रेन के बीच शांति लाने के प्रयास करने के लिए किया था। राष्ट्रपति पुतिन ने कहा था कि पीएम मोदी ने अपना काफी समय इस मुद्दे पर दिया है। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी ने यह प्रयास महान उद्देश्य के लिए किया है।

गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत जैसे कुछ ही देश थे जो दोनों युद्धरत देशों से बात कर रहे थे और जिनके दोनों से संबंध थे। भारत ने रूस और यूक्रेन, दोनों को इस दौरान सहायता भी भेजी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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