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मेरा नाम ‘भारत’ है… सुनते ही इस्लामी आतंकियों ने पत्नी और 3 साल के बेटे के सामने मार दी गोली, पहलगाम में सुशील की इसलिए हुई हत्या क्योंकि नहीं पढ़ पाए ‘कलमा’

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार (22 अप्रैल 2025) को किया गया आतंकी हमला धर्म के नाम पर की गई थी। इस हमले में जान गँवाने वाले अधिकांश लोगों से धर्म पूछकर उनको गोली मारी गई थी। हमले में जान गँवाने वालों में भारत भूषण, सुशील नथानियल, नीरज उधवानी और दिनेश मिरानिया भी हैं, जिनसे आतंकियों ने धर्म पूछा, कलमा पढ़ने को कहा और फिर गोली मार दी।

बेंगलुरु के रहने वाले 35 वर्षीय ‘भारत भूषण’ को आतंकियों ने केवल ‘नाम’ सुनकर गोली मार दी। वे अपने परिवार के साथ छुट्टियाँ मनाने के लिए कश्मीर गए थे। वहाँ आतंकियों ने उन्हें और उनके परिवार को घेर लिया और नाम पूछा। भारत भूषण का एक 3 साल का बेटा है, जो हमले के समय उनकी गोद में था। उन्होंने आतंकियों को बता, “मेरा नाम भारत है”।

फिर पूछा कि वह हिंदू है या मुस्लिम। इस पर भारत भूषण ने जवाब दिया कि वह हिंदू हैं। इसके बाद आतंकियों ने उनके गोद से बच्चे को पास में खड़ी पत्नी को सौंपने के लिए कहा और फिर उन्हें गोली मार दी। भारत भूषण की हत्या उनकी पत्नी डॉक्टर सुजाता और तीन साल के मासूम बेटे के सामने की गई। डॉक्टर सुजाता एक अस्पताल में बच्चों की डॉक्टर हैं।

पहलगाम आतंकी हमले में इंदौर के रहने वाले ईसाई परिवार के 58 वर्षीय सुशील नथानियल को भी गैर-मुस्लिम होने के कारण गोली मार दी गई। सुशील नथानियल LIC में कार्यरत थे। वे अपनी पत्नी जेनिफर, बेटी आकांक्षा और बेटे ऑस्टिन के साथ बैसरन में थे। परिजनों के मुताबिक, आतंकियों ने पहले उन्हें घुटनों पर बैठाया और फिर कलमा पढ़ने के लिए कहा।

हालाँकि, सुशील कलमा नहीं पढ़ पाए। इसके बाद आतंकियों ने उनसे उनका धर्म पूछा तो उन्होंने ईसाई बताया। इसके बाद आतंकियों ने उन्हें गोली मार दी। वहीं, पास में खड़ी उनकी बेटी आकांक्षा के पैर में भी गोली लग गई। इस दौरान सुशील की पत्नी जेनिफर भागने की कोशिश की और इसमें वह घायल हो गईं। बेटा ऑस्टिन भी फिलहाल सुरक्षित है।

राजस्थान के जयपुर के रहने वाले नीरज उधवानी को वहाँ अपनी जान गँवानी पड़ी। मालवीय नगर के मॉडल टाउन निवासी नीरज दुबई में चार्टर्ड एकाउंटेंट के तौर पर कार्यरत थे। वे अपनी पत्नी आयुषी के साथ शादी समारोह में शामिल होने के लिए शिमला आए हुए थे। शिमला में शादी अटेंड करने के बाद दोनों कश्मीर घूमने चले गए।

इस्लामी आतंकियों ने हमले के दौरान नीरज उधवानी से उनका परिचय पत्र (आई कार्ड) दिखाने के लिए कहा था। इसके बाद उनसे उनका धर्म पूछा गया। उन्हें भी गैर-मुस्लिम होने के कारण आतंकियों ने अपनी गोली का निशाना बना लिया। जानकारी के अनुसार, हमले के दौरान नीरज की पत्नी आयुषी होटल में थी। दोनों की दो साल पहले ही शादी हुई थी।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कारोबारी दिनेश मिरानिया को भी इस हमले में अपनी जान गँवानी पड़ी है। घटना के दिन दिनेश परिवार के साथ बैसरन घाटी पहुँचे। वे अपने बच्चों के साथ घूम ही रहे थे। इतने में वहाँ आतंकी आ गए लोगों की घेराबंदी कर ली। आतंकियों ने नाम जानने के बाद उनके पूछा कि ‘तेरा धर्म क्या है।’

जैसे ही उन्होंने अपना धर्म हिंदू बताया, आतंकियों ने उन्हें गोली मार दी। जिस दिन आतंकियों ने दिनेश की गोली मारकर हत्या की, उस दिन उनकी शादी की साल गिरह थी। दिनेश के चचरे भाई मनीष सिंघानिया ने बताया कि हमले के बाद उन्होंने फोन किया तो बच्चों ने बताया कि आतंकियों ने उनसे धर्म पूछकर और हिंदू सुनने पर गोली मार दी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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