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पीएम मोदी को ब्राजील में मिला सर्वोच्च सम्मान, बोले- दोस्ती का है प्रतीक: दोनों देशों के बीच 2000 करोड़ रुपए का होगा व्यापार, वीजा की प्रक्रिया होगी आसान

ब्राजील का 'नेशनल ऑर्डर ऑफ सदर्न क्रॉस' सम्मान उनके देश का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान है। पीएम मोदी से पहले इस सम्मान से दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला, अमेरिकी राष्ट्रपति ड्वाइट डी आइजनहावर और महारानी एलिजाबेथ द्वितीय आदि विश्व नेताओं को भी ब्राजील ने सम्मानित किया है।

पाँच देशों की यात्रा पर निकले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना के बाद ब्राजील में भी सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया है। मंगलवार (8 जुलाई 2025) को ब्राजील के राष्ट्रपति इनासियो लूला डि सिल्वा ने ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ से सम्मानित किया।

इससे पहले पीएम मोदी को 16 जून 2025 को साइप्रस देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस तृतीय’ से सम्मानित किया गया था। ब्राजील में पीएम मोदी मे रियो डि जेनेरियो में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन में हिस्सा लिया। इसमें उन्होंने पर्यावरण, जलवायु सम्मेलन और स्वास्थ्य समेत कई वैश्विक मुद्दों पर अपनी बात रखी थी। 2026 में BRICS शिखर सम्मेलन भारत में आयोजित होगा।

इसके बाद पीएम मोदी राजकीय दौरे पर ब्राजील की राजधानी ब्रसीलिया पहुँचे। यहाँ पर ब्राजील के सर्वोच्च सम्मान मिलने के बाद पीएम मोदी ने इसे दोस्ती का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति लूला और ब्राजील के लोगों का भारतीयों के प्रति गहरा लगाव है। आने वाले समय में इस दोस्ती के साथ हम और अधिक ऊँचाइयों को छुएँगे और साथ मिलकर काम करेंगे।”

ब्रासीलिया पहुँचने पर प्रवासी भारतीयों ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम मोदी के स्वागत में शिव तांडव स्त्रोत और पारंपरिक ब्राजीलियाई सांबा रेगे का प्रदर्शन भी किया।

क्या है सर्वोच्च सम्मान का महत्व

पीएम मोदी को मिले सर्वोच्च सम्मान का मिलना वैश्विक स्तर पर काफी अहम बात है। ये सम्मान असल में उन व्यक्तियों को दिया जाता है जो दो देशों के बीच संबंधों को बेहतर करने के में अहम भूमिका निभा रहे हों। ब्राजील के इस सम्मान का महत्व दोनों देशों के बीच सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में मजबूती लाने के लिहाज से है।

ब्राजील का ‘नेशनल ऑर्डर ऑफ सदर्न क्रॉस’ सम्मान उनके देश का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान है। 1822 में शुरू हुए इस सम्मान से ब्राजील अपने वैश्विक रिश्तों में प्रगाढ़ता लाने की कोशिश और आभार व्यक्त करता है। ब्राजील ने इस सम्मान से दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला, अमेरिकी राष्ट्रपति ड्वाइट डी आइजनहावर और महारानी एलिजाबेथ द्वितीय आदि विश्व नेताओं को भी सम्मानित किया है।

पीएम मोदी ने क्या कहा

ब्राजील के परिपेक्ष्य में पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच खेती और पशुपालन का पुराना रिश्ता रहा है। इस कड़ी में अब हम आगे खाद्य प्रसंस्करण और कृषि अनुसंधान के लिए भी काम करेंगे। इसके अलावा दोनों देश मिलकर चिकित्सा और आयुर्वेद के लिए भी आगे काम करेंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार को अगले 5 वर्षों में 2000 करोड़ रुपए (20 बिलियन डॉलर) तक ले जाने का प्रयास है।

ब्राजील के सम्मान में पीएम मोदी ने कहा कि हम चाहते हैं कि वीजा काउंटर की लंबी लाइन के साथ भारत और ब्रजील के संबंध बेहतर हों। दोनों देशों के बीच खेलों की रुचि के मिलने की बात पर उन्होंने कहा कि फुटबाल की जीत की तरह दोनों देशों के बीच भी जोश भरा रहे और ब्राजील के सांबा रेगे की तरह दिल जुड़ें। इसके लिए हम पर्यटकों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और खेल से जुड़े लोगों के लिए प्रक्रिया सरल करेंगे।

ब्राजील की यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी नामीबिया के दौरे को लिए निकल गए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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