इजरायल के मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल था अनस
गाजा में इजरायली हमले में अनस अल शरीफ और उसके 4 साथियों की मौत हो गई है। ये सभी अल जजीरा से जुड़े कथित पत्रकार थे। इजरायल पहले ही उसका नाम मोस्ट वॉन्टेड की सूची में शामिल कर चुका था। IDF ने अल जजीरा के 6 पत्रकारों की लिस्ट जारी की थी, जो हमास के लिए काम करता था। इसमें अनस अल शरीफ का नाम भी शामिल था। IDF के मुताबिक अनस अल-शरीफ रॉकेट लॉन्चिंग स्क्वॉड का प्रमुख था और हमास की नुसीरत बटालियन में नुखबा फोर्स कंपनी का आतंकी था।
हालाँकि अल जजीरा ने दावा किया था कि उसके पत्रकार का आंतकी संगठनों से कोई संबंध नहीं है। लेकिन IDF ने इसे खारिज कर कहा था कि उसके पास दस्तावेज मौजूद हैं जिससे साबित होता है कि वह आतंकी था।
इजरायल के खिलाफ अल जजीरा का दुष्प्रचार
अल जजीरा लगातार इजरायल को लेकर दुष्प्रचार करता रहा है। इस साल मई में बेंजामिन नेतन्याहू सरकार ने हमास का प्रोपेगेंडा चलाने के कारण इजरायल के भीतर अल जजीरा को बंद कर दिया था। सितम्बर, 2024 में इजरायल सरकार ने वेस्ट बैंक के रामल्लाह में अल जजीरा ब्यूरो को भी बंद कर दिया था।
अलजजीरा एक ऐसा नेटवर्क है जिसे कतर सरकार फंडिंग करती है। ये इजरायल के खिलाफ खबरें दिखाता है और फिलिस्तीन की मदद करता है। इजरायल कहता रहा है कि अल जजीरा हमास के आतंकियों को रिपोर्टर के रूप में फिलिस्तीन के दूर दराज के इलाके में भेजता है जो मुख्य रूप से आतंकी गतिविधि में शामिल रहते हैं। अनस अल शरीफ इसका अच्छा उदाहरण है जिसे पहले ही इजरायल ने हमास का आतंकी घोषित कर दिया था। आखिर एक वॉन्टेड आतंकी को रिपोर्ट बनाकर अल जजीरा हमास की मदद ही कर रहा है। वह गाजा के लोगों के बीच में छिप कर जिहादी मंसूबों को अंजाम दे रहा था।
लेकिन अनस अल शरीफ की मौत के बाद सोशल मीडिया पर उसके प्रति सहानुभूति जताने वाले इस्लामी और कथित लिबरल गैंग की बाढ़ आ गई है। कोई उसे ‘शहीद’ कह रहा है तो कोई पत्रकारों पर हमले को ‘इजरायली बर्बरता’ करार दे रहा है। इसमें कहा जा रहा है कि दुनिया, मीडिया सब खामोश हैं।
◆ग़ाज़ा पर इजरायली हमले में 5 पत्रकारों की मौत
— Haneef Shikohabadi✍ (@Er_Wr_Haneef) August 11, 2025
◆हमला सीधा मीडिया टेंट पर हुआ
◆जिसमें 5 पत्रकारों की मौत हो गई
◆मरने वालों में अल जज़ीरा पत्रकार anas al-Shari भी शामिल हैं
◆पत्रकार अनस-अल शरीफ़ का आख़िरी ख़त
दुनिया/मीडिया सब ख़ामोश
Ghaza | #Ghaza IDF | #IDF#Israel | Israel pic.twitter.com/oXXIOTvB0o
कोई उसे अल जजीरा का बड़ा चेहरा बता रहा है तो साहसपूर्ण रिपोर्टिंग की बात कह रहा है। कोई हमास के हमलावरों की तारीफों के पुल बाँधे जा रहे हैं। यहाँ तक कि परिवार के साथ फोटो और वीडियो शेयर किया जा रहे हैं।
The IDF’s smear is nothing more than a desperate lie to cover up the fact that they assassinated the voice and eyes of Gaza.
— Ahmad Algohbary (@AhmadAlgohbary) August 10, 2025
Anas Al-Sharif wasn’t a “terrorist”, he was the journalist who showed the world your daily crimes against civilians.
You feared his camera, his words,… pic.twitter.com/8hfJzGAYZY
इजरायली हमले को भयावह करार देते हुए सीएनएन ने कहा है कि ये स्थानीय पत्रकारों की स्थिति को बयां करता है। सीएनएन के मुताबिक अल शरीफ हमास के राजनीतिक प्रमुख इस्माइल हनीयेह के पारिवारिक घर के पास एक स्थान से लाइव रिपोर्टिंग कर रहे थे, इसलिए वहाँ मौजूद थे। हनीयेह की मंगलवार को तेहरान में हत्या कर दी गई थी। वहीं बीबीसी ने इसे ‘प्रेस की आजादी’ पर हमला करार दिया है।
लेकिन इससे अनस अल शरीफ की असलियत नहीं बदल सकती। उसके खिलाफ कई तरह के सबूत होने की बात इजरायल पहले से करता रहा है। जिहादी सोच का संबंध किसी पेश से नहीं होता। ये इंजीनियर ओसामा बिन लादेन से लेकर डॉक्टर अल जवाहिरी तक के केस में देखा जा सकता है। पत्रकार बनकर लोगों से बातें करना और उनके बीच रहना तो और आसान है।


