जो बांग्लादेशी घुसपैठिए खुद कबूल कर रहे हैं कि वह अवैध रूप से भारत में घुसे। लेकिन यह वो बात है जिसे अल जजीरा, स्क्रॉल और द वायर जैसे मीडिया संस्थान जानबूझकर पर्दे के पीछे रखते हैं।
दिल्ली के लाल किले के पास हुए आतंकी कार ब्लास्ट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। वहीं दूसरी ओर इस निंदनीय आतंकी घटना पर वामपंथी मीडिया अपना नैरेटिव चला रही है।
भारत में ‘I Love Muhammad’ से जुड़े विरोध प्रदर्शनों को लेकर 'अल जजीरा' ने लेख लिखा है। जिसमें तथ्यों को छिपाते हुए मुस्लिमों को प्रताड़ना का शिकार दिखाने की कोशिश की गई है।
द वाशिंगटन पोस्ट, द न्यूयॉर्क टाइम्स, अल जजीरा सहित कई विदेशी मीडिया संस्थानों ने गुमराह करने वाले लेख प्रकाशित किए हैं ताकि 'वोट चोरी' के राहुल गाँधी के प्रोपेगेंडा को हवा दिया जा सके।
भारतीय पत्रकार शिव अरूर ने भी पुष्टि की है कि आईएएफ पायलट शिवांगी सुरक्षित हैं। कुछ समय पहले ही उन्होंने उनसे बात की है। पाकिस्तानी हैंडल सिर्फ झूठ फैला रहे हैं।