उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के सहजनवाँ क्षेत्र में रविवार (28 सितंबर 2025) को इलाज के नाम पर धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। यहाँ लक्ष्मी यादव नाम की महिला के घर में ‘चंगाई प्रार्थना’ का आयोजन किया गया था, जिसमें करीब 100 से ज्यादा ग्रामीण महिलाएँ और पुरुष शामिल हुए थे।
सूचना मिलने पर विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के जिला उपाध्यक्ष सौरभ जायसवाल और अन्य पदाधिकारी मौके पर भगौरा गाँव पहुँचे और विरोध जताया। विरोध के दौरान वहाँ मौजूद महिलाओं से उनका विवाद भी हुआ। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने मौके से लक्ष्मी यादव सहित चार लोगों को हिरासत में ले लिया और पूछताछ शुरू की। सहजनवाँ थाने में लक्ष्मी यादव और 5 अज्ञात लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई है।
लक्ष्मी यादव का पति उसे छोड़ चुका है। उसने पुलिस को बताया कि उसे 5 साल पहले पथरी की समस्या थी और काफी इलाज के बावजूद कोई फायदा नहीं हुआ। बाद में वह बहराइच गई, जहाँ किसी ने उसे एक धार्मिक किताब दी और रोज प्रार्थना करने की सलाह दी।
लक्ष्मी का दावा है कि इसके बाद वह गाँव के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने लगी। हर रविवार को उसके घर पर चंगाई प्रार्थना का आयोजन होने लगा, जिसमें इलाज के नाम पर लोगों को बुलाया जाता था।
विश्व हिन्दू परिषद का आरोप है कि लक्ष्मी और अन्य लोग इलाज और दवा के बहाने हिंदू धर्म के लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। उनका कहना है कि अब तक 100 से अधिक लोगों का धर्म परिवर्तन करवा दिया गया है।
मौके पर विरोध करने पर पहुँचे विहिप कार्यकर्ताओं के साथ गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस और खुफिया विभाग की कार्रवाई पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। SO महेश चौबे ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और मामले की गहराई से जाँच की जा रही है।

