राजस्थान के जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो ICU वॉर्ड में रविवार (5 अक्टूबर 2025) की रात भीषण आग लगने से 8 मरीजों की मौत हो गई, जिनमें 3 महिलाएँ शामिल हैं। यह हादसा रात करीब 11:20 बजे हुआ। हादसे में अस्पताल की पूरी इमारत में धुएँ का गुबार उठने लगा।
हादसे की सूचना पर राजस्थान पुलिस मौके पर पहुँची। हालाँकि, इमारत में भरे धुएँ के चलते पुलिस को भीतर जाने में परेशानी हुई। लेकिन अग्निशमन कर्मियों ने जल्दी पहुँचकर हालात पर काबू पाया और लगभग दो घंटे के भीतर ही आग बुझा दी। अगल लगने के पीछे शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
हालाँकि, DGP राजीव कुमार शर्मा ने कहा, “हमने जयपुर पुलिस कमिश्नर से इस हादसे की तह तक जाने के लिए गहन जाँच करने को कहा है। FSL और अग्निशमन विभाग के साथ मिलकर घटना के कारणों की जाँच की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और क्या सावधानियाँ बरती जा सकती हैं इसे देखा जाएगा। घटना के कारणों की जाँच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। पुलिस, अग्निशमन विभाग और FSL टीम मिलकर इसकी जाँच करेंगे।”
#WATCH | जयपुर: राजस्थान DGP राजीव कुमार शर्मा ने SMS अस्पताल के ICU वार्ड में आग लगने की घटना पर कहा, "हमने जयपुर पुलिस कमिश्नर से इस हादसे की तह तक जाने के लिए गहन जांच करने को कहा है। FSL और अग्निशमन विभाग के साथ मिलकर घटना के कारणों की जांच की जाएगी… भविष्य में ऐसी घटनाओं… pic.twitter.com/btuQHf47Xm
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 6, 2025
वही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी घटनास्थल पर पहुँचकर हादसे में पीड़ित लोगों से मुलाकात की। सीएम ने हादसे की जाँच के लिए 6 सदस्यीय जाँच समिति का गठन किया है। इसके अलावा सीएम ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मरने वाले लोगों की आत्मा की शांति की प्रार्थना की है।
जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) October 6, 2025
अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों एवं अधिकारियों से जानकारी ली और त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मरीजों की सुरक्षा, इलाज और प्रभावित लोगों की देखभाल के लिए हर संभव कदम उठाए जा…
हादसे के वक्त ICU में थे 11 मरीज
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्टोर रूम में मेडिकल पेपर, ब्लड सैंपल ट्यूब और ICU से जुड़ा सामान रखा हुआ था। आग लगने के समय ICU में कुल 11 मरीज भर्ती थे जबकि बगल के वार्ड में 13 मरीज थे।
ट्रॉमा सेंटर के नोडल ऑफिसर डॉ अनुराग धाकड़ ने कहा, “ट्रॉमा सेंटर में दूसरी मंजिल पर दो ICU हैं। एक ट्रॉमा ICU और एक सेमी-ICU। वहाँ 24 मरीज थे, 11 ट्रॉमा ICU में और 13 सेमी-ICU में भर्ती थे, ट्रॉमा ICU में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग तेजी से फैल गई, जिससे जहरीली गैसें निकलीं। ज्यादातर गंभीर मरीज बेहोशी की हालत में थे।”
उन्होंने कहा कि ICU की संरचना पूरी तरह सील्ड होती है और वहाँ प्रेशर मेंटेन किया जाता है, जिससे धुआँ तेजी से फैल गया और स्टाफ के लिए अंदर रुकना मुश्किल हो गया। ICU में मौजूद 11 मरीजों में से 5 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया लेकिन 6 मरीजों की मौत जहरीली गैस और धुएँ के कारण हो गई। साथ ही दो और मरीज की बाद में मौत हो गई, जिससे कुल मृतकों की संख्या अब तक 8 हो गई है।

