ईरान ने मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोपित को दी फाँसी, कहा- इजरायली खुफिया एजेंसी के इशारे पर चलाता था मिशन: इस्लामी कानून के तहत दी गई सजा

ईरान-इजरायल युद्ध के दौरान इजरायली खुफिया एजेंसी मौसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में ईरान में एक व्यक्ति को फाँसी दी गई है।

ईरानी न्यायपालिका के समाचार आउटलेट मिजान की रिपोर्ट के अनुसार, रूजबेह वादी ने कथित तौर पर इस्लामिक गणराज्य पर जून 2025 में हुए हमलों को लेकर खुफिया इनपुट मुहैया करवाई थी। उसने एक परमाणु वैज्ञानिक के बारे में जानकारी दी थी, जो इजरायल के हमलों में मारा गया था।

मिजान के मुताबिक, उसे बुधवार (15 अक्टूबर 2025) को फाँसी दी गई। वह ईरान के अति महत्वपूर्ण और संवेदनशील संगठन का सदस्य था। मिजान ने कहा है कि उसने ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में इजरायली खुफिया एजेंसी फिया सेवा मोसाद के अधिकारियों से 5 बार मुलाकात की थी। वह ऑनलाइन उनके संपर्क में आया था।

इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में अब तक ईरान ने 8 लोगों को मृत्युदंड दी है। जून में इजरायल के साथ 12 दिनों तक युद्ध चला था। इस दौरान ईरान के जनरलों और परमाणु वैज्ञानिकों को टारगेट किया गया।

युद्ध के दौरान ईरान ने कहा था कि वह जासूसी करने वाले ‘देशद्रोहियों’ को नहीं छोड़ेगा।