लव जिहाद फंडिंग मामले में जेल में बंद पार्षद अनवर कादरी को पाँच साल के लिए पार्षद पद से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इस संबंध में संभागायुक्त सुदामा खाड़े ने सोमवार (10 नवंबर 2025) को आदेश जारी किया। इसके साथ ही, कादरी को अगले पाँच वर्षों के लिए कोई भी चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है।
जानकारी के अनुसार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कादरी पर लगे आपराधिक आरोपों को देखते हुए उन्हें हटाने की सिफारिश की थी। इसके बाद नगर निगम के विशेष सम्मेलन में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ।
संभागायुक्त के आदेश में कहा गया है कि कादरी का पद पर बने रहना सार्वजनिक हित और नगर निगम की गरिमा के खिलाफ है। उनके आचरण से शहर की सामाजिक सद्भावना प्रभावित हुई है। बता दें कि अनवर कादरी हिंदू लड़कियों को फँसाने के लिए मुस्लिम लड़कों को पैसा देता था।
अनवर कादरी के खिलाफ विभिन्न थानों में 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराएँ शामिल हैं। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश नगर पालिका निगम अधिनियम, 1956 के तहत की गई है।

