मोहम्मद समीर ने 19 साल की छात्रा को जबरन दी अबॉर्शन पिल्स की ओवरडोज, खून बहता देख छोड़कर भागा: तड़प-तड़पकर हुई मौत, गिरफ्तारी के बाद बोला- यूट्यूब देख खरीदी

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 19 वर्षीय नर्सिंग छात्रा की मौत का मामला सामने आने के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। छात्रा की मौत गर्भपात की दवा (अबॉर्शन पिल्स) खाने के बाद हुई। पुलिस जाँच में सामने आया है कि छात्रा तीन महीने की गर्भवती थी और उसके बॉयफ्रेंड ने दबाव डालकर उसे दवा खिलाई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपित बॉयफ्रेंड मोहम्मद समीर को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार (10 जून 2026) की सुबह छात्रा का खून से लथपथ शव हॉस्टल की सीढ़ियों में पड़ा मिला था। सबसे पहले वहाँ काम करने आए एक इलेक्ट्रीशियन ने छात्रा को बेहोशी की हालत में देखा। उसने शोर मचाया जिसके बाद हॉस्टल गार्ड और अन्य लोग मौके पर पहुँचे। छात्रा को तुरंत पास के नर्सिंग होम ले जाया गया लेकिन वहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने मामले की जाँच शुरू करते हुए छात्रा की कॉल डिटेल्स खंगालीं और परिजनों व हॉस्टल गार्ड से पूछताछ की। जाँच के दौरान पता चला कि छात्रा अक्सर जौनपुर के करियाव मीरगंज निवासी मोहम्मद समीर से मिलने बॉयज हॉस्टल आती थी। लोकेशन ट्रेस करने के बाद पुलिस ने समीर को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने कई अहम बातें कबूल कीं।

आरोपित ने पुलिस को बताया कि दोनों के बीच पिछले 2 साल से प्रेम संबंध थे। कुछ समय पहले छात्रा ने खुद के गर्भवती होने की जानकारी दी थी। अल्ट्रासाउंड में पता चला कि वह तीन महीने की प्रेग्नेंट थी। आरोपित के मुताबिक, उन्होंने डॉक्टरों से संपर्क किया लेकिन परिजनों की मौजूदगी के बिना कोई गर्भपात करने को तैयार नहीं हुआ। इसके बाद दोनों ने खुद ही गर्भपात कराने की योजना बनाई।

समीर ने बताया कि मेडिकल की पढ़ाई से जुड़े होने के कारण पहले उन्होंने किताबों में जानकारी खोजी लेकिन स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने पर यूट्यूब वीडियो देखे। इसके बाद एक ब्रांड की अबॉर्शन पिल खरीदी गई। आरोपित के अनुसार, बुधवार सुबह छात्रा हॉस्टल खाना लेकर पहुँची थी लेकिन दवा खाने को लेकर डरी हुई थी।

समीर ने बताया, “जब दवा खाने को कहा गया तो उसने मना कर दिया। उस पर दबाव बनाया तो उसने कहा- हम निकाह कर लेते हैं लेकिन मैंने उसकी बात नहीं मानी। उसकी मर्जी के खिलाफ जबरन दवा खिला दी।”

कुछ देर बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ने लगी। आरोपित के मुताबिक, दवा की खुराक अधिक थी जिसके चलते तेज दर्द, उल्टी और भारी ब्लीडिंग शुरू हो गई। छात्रा ने अस्पताल ले जाने की बात कही लेकिन वह कमरे से बाहर निकलकर सीढ़ियों की ओर भागी और वहीं गिरकर बेहोश हो गई। आरोपित ने पुलिस को बताया कि खून देखकर वह घबरा गया और अपने कमरे में ताला लगाकर बस से जौनपुर भाग गया।

जाँच में यह भी सामने आया है कि करीब 7 महीने पहले भी छात्रा का गर्भपात कराया गया था। पुलिस को छात्रा के बैग से दर्द निवारक समेत अन्य दवाएँ मिली हैं। वहीं, आरोपित के मोबाइल फोन से छात्रा के साथ चैट, वीडियो और तस्वीरें भी बरामद की गई हैं।

बॉयज हॉस्टल के गार्ड ने पुलिस को बताया कि छात्रा पिछले दो दिनों से लगातार हॉस्टल आ रही थी। मंगलवार को भी वह काफी देर तक कैंपस में अकेले घूमती देखी गई थी। बुधवार सुबह करीब 9:20 बजे वह अकेले हॉस्टल की सीढ़ियों से ऊपर गई थी जिसके कुछ समय बाद वह खून से लथपथ हालत में मिली।

एसीपी सारनाथ विद्युत सक्सेना ने बताया कि छात्रा के शव का पोस्टमॉर्टम दो डॉक्टरों के पैनल से कराया गया है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। पुलिस ने आरोपित मोहम्मद समीर को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जाँच जारी है।