दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार धमाके की जाँच के लिए राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने एक विशेष आंतरिक दल का गठन किया है। एजेंसी ने इस विशेष टीम का नेतृत्व सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) रैंक से ऊपर के अधिकारी को सौंपा है। यह कदम गृह मंत्रालय द्वारा मंगलवार (11 नवंबर 2025) को ही इस मामले की जाँच NIA को सौंपने के बाद उठाया गया है।
गौरतलब है कि खुफिया सूत्रों ने इस घटना को आतंकी हमला माना था, जिसके बाद NIA ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धाराओं के तहत FIR दर्ज कर विस्तृत जाँच शुरू कर दी थी।
#WATCH | Delhi: NIA officials leave from the spot where a blast occurred in a Hyundai i20 car near the Red Fort on 10th November. Eight people died in the blast. pic.twitter.com/ttpAEWPCDI
— ANI (@ANI) November 12, 2025
NIA का विशेष दल अब विस्फोट के पीछे की आतंकी साजिश, जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के ‘डॉक्टर मॉड्यूल’ और इसके विदेशी कनेक्शनों की गहराई से जाँच करेगा। एजेंसी जल्द ही सभी पहलुओं को खंगालने की तैयारी में है।
NIA की टीम फिलहाल लाल किला सिग्नल के पास मौजूद घटनास्थल पर सक्रिय है, जहाँ फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम भी नमूने इकट्ठा कर रही है। FSL ने अब तक 40 से अधिक सैंपल्स इकट्ठा किए हैं, जिनमें दो कारतूस और दो अलग-अलग प्रकार के विस्फोटक शामिल हैं।
प्रारंभिक जाँच में एक विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट पाया गया है, जबकि दूसरा इससे भी अधिक शक्तिशाली माना जा रहा है। NIA ने निर्देश दिया है कि फोरेंसिक रिपोर्ट को जल्दी से पूरा किया जाए, ताकि विस्फोट की प्रकृति, उद्देश्य और संभावित आतंकी लिंक का खुलासा किया जा सके।

