दिल्ली लाल किला ब्लास्ट से जुड़ा 300 किलो अमोनियम नाइट्रेट अब भी लापता, अयोध्या-वाराणसी को उड़ाने की थी साजिश

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके मामले में जाँच एजेंसियाँ अब भी 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट की तलाश में हैं, जो देशभर की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है।

दिल्ली में सोमवार (10 नवंबर 2025) की शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके की जाँच में देश की शीर्ष एजेंसियों को बड़ा सुराग मिला है।

सूत्रों के अनुसार, जाँच में अब तक 2,900 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया जा चुका है, लेकिन करीब 300 किलोग्राम विस्फोटक अब भी लापता है। एजेंसियों का कहना है कि यह बचा हुआ माल गलत हाथों में है और इसे बरामद करना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों ने यह विस्फोटक बांग्लादेश और नेपाल के रास्ते भारत में तस्करी कर लाया था। यह माल एक फर्टिलाइज़र कंपनी से चोरी किया गया था। कुल 3,200 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट की खेप देश में घुसाई गई थी। इस खुलासे के बाद पूरे रूट पर अलर्ट जारी कर दिया गया है।

फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़े गिरफ्तार आतंकियों की योजना उत्तर प्रदेश के अयोध्या और वाराणसी जैसे धार्मिक स्थलों पर बड़े हमले की थी।

डॉ शाहीना नाम की महिला, जो इस मॉड्यूल की सदस्य है, उसने अयोध्या में स्लीपर सेल को सक्रिय किया था। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियाँ देशभर में छापेमारी कर रही हैं और लापता विस्फोटकों की तलाश में जुटी हैं ताकि किसी संभावित बड़े हमले को रोका जा सके।