प्रेम संबंध टूटने पर युवती ने कराया था रेप और SC-ST एक्ट का मुकदमा, पुलिस जाँच में खुली पोल: कोर्ट ने कानून का गलत इस्तेमाल करने पर सुनाई 3 साल की सजा, जुर्माना भी ठोका

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में युवती को पूर्व प्रेमी के खिलाफ SC-ST एक्ट लगाना भारी पड़ गया। उलटा कोर्ट ने युवती को कानून का गलत उपयोग करने के लिए तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपए जुर्माना भरने को भी कहा है।

दरअसल, यह मामला प्रेम-संबंध से जुड़ा है। युवती रिंकी ने पास के ही युवक दीपक से कई सालों तक प्रेम-संबंध रहा। लेकिन फरवरी 2025 में दीपक के परिवार ने उसकी शादी किसी अन्य लड़की से करवा दी। इस पर गुस्साई प्रेमिका रिंकी ने दीपक के खिलाफ 03 जून 2025 को रेप और SC-ST का मामला दर्ज किया।

युवती ने शिकायत में बताया कि दीपक ने शादी का झाँसा देकर उससे शारीरिक संबंध बनाए और यहाँ तक की मारपीट भी की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जाँच के दौरान युवती ने अपना मेडिकल कराने से इनकार किया। पुलिस जाँच में भी युवती के आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी।

पुलिस जाँच में सामने आया कि दोनों के बीच सहमति से शारीरिक संबंध बने थे। पुलिस ने यह भी कहा कि युवती के लगाए सभी आरोप निराधार हैं। पुलिस जाँच में यह साफ हो गया कि मामला रेप से जुड़ा नहीं है। इसके बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई, जिसपर सुनवाई हुई।

कोर्ट का फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में सिद्ध होगया कि युवती ने केवल प्रेमी से बदला लेने के लिए झूठा रेप और SC-ST का मुकदमा दर्ज कराया था। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि भारतीय समाज में विवाहेत्तर संबंधों, लिव-इन रिलेशनशिप के साथ अवैध संबंधों के मामले बढ़े हैं।

कोर्ट ने कहा कि इन मामलों ने कानून-व्यवस्था से जुड़े लोगों और संस्थाों के सामने नई चुनौती पेश की है। कई सालों तक ऐसे संबंधों में रहने वाली महिला अचानक पुलिस और कोर्ट के सामने खड़ी हो जाती है और अपने साथ रेप होने का आरोप लगा देती है। कई मामलों में कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग भी होता है। इस मामले में भी SC-ST एक्ट और रेप के आरोप का दुरुपयोग किया गया।

साथ ही कोर्ट ने युवती को दोषी माना और तीन साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर राज्य सरकार की तरफ से युवती को कोई राहत राशि मिली है तो उसे भी वापस लिया जाए।