ममता सरकार में बांग्लादेशी घुसपैठिया रुकैया ने बनवाए फर्जी कागजात, सरकारी योजनाओं का भी उठाया लाभ-जमकर डाले वोट: SIR के डर से भागी अपने देश

चुनाव आयोग देशभर के तमाम राज्यों के साथ पश्चिम बंगाल में भी मतदाता गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) प्रक्रिया चला रहा है। इस प्रक्रिया से बंगाल में छिपे बैठे बांग्लादेशी घुसपैठिए साबित हो रही है। ऐसी ही एक महिला रुकैया बेगम ने बताया कि उसने वोटर आईडी, आधार कार्ड बनाकर सरकारी योजना का लाभ ले रही थी लेकिन अब वापस लौटना चाहती हूँ।

News 18 से बातचीत में बसीरहाट की रुकैया बेगम ने कहा कि बांग्लादेशी नागरिक होने के बावजूद उसके पास वोटर आईडी, आधार कार्ड समेत सारे पहचान पत्र थे। वह ‘दुआरे सरकार’ कार्यक्रम के जरिए नाम जुड़वाकर ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का लाभ भी ले रही थी।

रुकैया ने बताया कि वह छह साल पहले भारत आई थी और उसने वोट भी दिया है। लेकिन रुकैया का साल 2002 की वोटर लिस्ट में नही हैं, जो कि SIR के बाद सामने भी आ जाएगा। यही वजह है कि वह अब बांग्लादेश लौट रही है।