चुनाव आयोग देशभर के तमाम राज्यों के साथ पश्चिम बंगाल में भी मतदाता गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) प्रक्रिया चला रहा है। इस प्रक्रिया से बंगाल में छिपे बैठे बांग्लादेशी घुसपैठिए साबित हो रही है। ऐसी ही एक महिला रुकैया बेगम ने बताया कि उसने वोटर आईडी, आधार कार्ड बनाकर सरकारी योजना का लाभ ले रही थी लेकिन अब वापस लौटना चाहती हूँ।
West Bengal SIR : কারা লক্ষ্মীর ভাণ্ডার করে দিয়েছিল এই বাংলাদেশী রোকেয়া বিবি-কে?#SIRWestBengal #Bangladeshi #SIR #SpecialIntensiveRevision pic.twitter.com/nYyun6ZB77
— Asianetnews Bangla (@AsianetNewsBN) November 20, 2025
News 18 से बातचीत में बसीरहाट की रुकैया बेगम ने कहा कि बांग्लादेशी नागरिक होने के बावजूद उसके पास वोटर आईडी, आधार कार्ड समेत सारे पहचान पत्र थे। वह ‘दुआरे सरकार’ कार्यक्रम के जरिए नाम जुड़वाकर ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का लाभ भी ले रही थी।
रुकैया ने बताया कि वह छह साल पहले भारत आई थी और उसने वोट भी दिया है। लेकिन रुकैया का साल 2002 की वोटर लिस्ट में नही हैं, जो कि SIR के बाद सामने भी आ जाएगा। यही वजह है कि वह अब बांग्लादेश लौट रही है।

