मध्यप्रदेश की भोजशाला/कमाल मौला मस्जिद में मंगलवार (2 दिसंबर 2025) को फिर तनाव बढ़ गया, जब हिंदू समाज द्वारा लाया गया नया माँ वाग्देवी (सरस्वती) तेल चित्र ASI ने जब्त कर लिया। इसके बाद हिंदू संगठनों ने इसे धार्मिक अधिकारों में दखल बताया और तीखा विरोध शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार, हर मंगलवार (2 दिसंबर 2025) की तरह आज भी बड़ी संख्या में हिंदू श्रद्धालु पूजा और हनुमान चालीसा पाठ के लिए परिसर पहुँचे थे। इस बार वे माँ वाग्देवी का नया तेल चित्र लेकर आए थे। योजना थी कि इसे अंदर स्थापित कर पूजा की जाए। लेकिन ASI ने चित्र को तुरंत रोक लिया और प्रवेश की अनुमति नहीं दी।
विरोध और चेतावनी
इस कार्रवाई से माहौल गरम हो गया। भोज उत्सव समिति ने कहा कि वे हर मंगलवार तेल चित्र लाते हैं, लेकिन इस बार इसे जब्त कर लिया गया। उनका आरोप है कि उर्स की तैयारियों के नाम पर बिना अनुमति रंगाई-पुताई की जा रही है, जबकि हिंदू पक्ष को लगातार रोका जा रहा है।
हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि चित्र वापस नहीं दिया गया और ‘बिना अनुमति’ चल रही गतिविधियाँ नहीं रोकी गईं, तो वे कड़ा विरोध करेंगे। वसंत पंचमी पहले से ही विवाद का कारण बनी हुई है, और यह नया मामला तनाव और बढ़ा रहा है।

