NCBC ने पश्चिम बंगाल की 35 मुस्लिम जातियों को केंद्र की OBC लिस्ट से हटाया, BJP बोली- वोटबैंक के लिए ममता सरकार कर रही तुष्टिकरण की राजनीति

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) ने पश्चिम बंगाल की 35 मुस्लिम जातियों को केंद्र की अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची से हटा दिया है। इस फैसले को बीजेपी ने तृणमूल कॉन्ग्रेस सरकार की तुष्टिकरण राजनीति का सबूत बताया है।

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवँ अधिकारिता राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने लोकसभा में बीजेपी सांसद जगन्नाथ सरकार के सवाल के जवाब में कहा, “पश्चिम बंगाल ने 46 जातियाँ केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की सिफारिश की थी। एनसीबीसी ने इनमें से 37 जातियों को 9 नवंबर 2011 को शामिल करने की सलाह दी थी, जिसके आधार पर 17 फरवरी 2014 को गजट अधिसूचना जारी हुई। एनसीबीसी ने 3 जनवरी 2025 को 35 जातियों को केंद्रीय ओबीसी सूची से हटाने की सलाह दी।”

यह जानकारी 3 जनवरी 2025 को संसद में दी गई।

बीजेपी आईटी सेल प्रमुख और पश्चिम बंगाल के केंद्रीय पर्यवेक्षक अमित मालवीय ने कहा, “एनसीबीसी ने केंद्रीय ओबीसी सूची से 35 जातियों को हटा दिया है और उनमें से प्रत्येक मुस्लिम समुदाय से संबंधित है। यह राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक समूहों को ओबीसी कोटे में शामिल करने की नीति पर गंभीर सवाल उठाता है, जबकि वास्तविक पिछड़े हिंदू समुदायों को उनके उचित हिस्से से वंचित किया जा रहा है।”

मालवीय ने कहा कि मोदी सरकार दशकों पुरानी तुष्टिकरण की विकृतियों को सुधार रही है और पिछड़ेपन के आधार पर सच्चा सामाजिक न्याय सुनिश्चित कर रही है, न कि वोट बैंक की राजनीति पर।

इससे पहले, इस महीने सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल ओबीसी सूची मामले की सुनवाई चार हफ्ते के लिए टाल दी और कलकत्ता हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि मामला शीर्ष अदालत में होने तक आगे की कार्यवाही न करे। जून 2024 में कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अंतरिम आदेश जारी कर पश्चिम बंगाल सरकार को नई ओबीसी सूची की अंतिम अधिसूचना 31 जुलाई तक प्रकाशित न करने का निर्देश दिया था।