कर्नाटक के हावेरी जिले के हंगल तालुक में स्थित सीजे बेल्लड़ सरकारी फर्स्ट ग्रेड कॉलेज में मंगलवार (2 दिसंबर 2025) को हिजाब को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया। मुस्लिम छात्राएँ लंबे समय से रोजाना हिजाब पहनकर कॉलेज आती रही हैं।
इस पर हिंदू छात्राओं ने विरोध जताया और सैकड़ों छात्राएँ भगवा शॉल पहनकर कॉलेज पहुँचीं। उनका कहना था कि क्लास में सभी छात्रों के लिए समान माहौल होना चाहिए और हिजाब की अनुमति अलग पहचान वाली स्थिति पैदा कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुस्लिम छात्राएँ हिजाब पहन सकती हैं तो उन्हें भी भगवा शॉल पहनने का अधिकार होना चाहिए।
छात्राओं का क्या कहना है?
हिजाब पहनने वाली छात्राओं ने बताया कि यह उनकी मजहबी परंपरा और व्यक्तिगत पहचान का हिस्सा है और वे केवल शांतिपूर्ण तरीके से पढ़ाई करना चाहती हैं। उनका कहना था कि हिजाब पहनकर पढ़ना उनका अधिकार है और इससे किसी की पढ़ाई में बाधा नहीं आती।
कॉलेज प्रशासन ने विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों से बात की और माहौल शांत रखने की अपील की। प्रिंसिपल ने कहा कि मामला सरकारी नियम और कॉलेज नीति के अनुसार सुलझाया जाएगा और किसी को भी परिसर में तनाव फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कर्नाटक में हिजाब को लेकर पहले भी कई विवाद हो चुके हैं। पिछले साल सरकार ने स्कूल और कॉलेजों में मजहबी पोशाक पर प्रतिबंध लगाया था और हाई कोर्ट ने यूनिफॉर्म पहनने को अनिवार्य ठहराया।
अक्कियालुर कॉलेज में प्रशासन की लापरवाही के कारण यह विवाद फिर उभरा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को तत्काल बैठक बुलाकर वर्दी नीति का पालन सुनिश्चित करना चाहिए और पुलिस को कॉलेज में सुरक्षा बढ़ानी चाहिए।

