वीरेंद्र सिंह बसोया कौन है? जानिए- 500 किलो कोकीन, ₹3000 करोड़ की ड्रग्स, दुबई फरारी और भारत प्रत्यर्पण की कहानी

फरार ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत लाया गया है। इस बारे में जानकारी देते हुए शुक्रवार (14 अगस्त 2026) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बसोया के प्रत्यर्पण को नशीले पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति में एक नया मील का पत्थर बताया।

मंत्री शाह ने अपराधी को खोज निकालने और उसे भारत वापस लाने में सफलता हासिल करने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की तारीफ की। NCB ने उसे हिरासत में ले लिया है और अब उसे एक विशेष अदालत के सामने पेश किया जाएगा।

शाह ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, “मोदी सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों का लगातार पीछा कर रही है और उनके पूरे नेटवर्क को बेहद सख्ती के साथ खत्म कर रही है। नशीले पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए NCB ने फरार ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया को UAE से वापस भारत लाने में सफलता हासिल की है। अपराधी को ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर तक, दोनों तरीकों से खोजते हुए हमारी एजेंसियों ने एक बार फिर साबित किया है कि ड्रग तस्कर चाहे कहीं भी छिप जाएँ, वे भारतीय कानून की लंबी पहुँच से बच नहीं सकते।”

यह कार्रवाई ड्रग तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए मोदी सरकार की तीन साल की राष्ट्रीय योजना का हिस्सा है। इस योजना को ड्रग कंट्रोल पर विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029) में रखा गया है। इस दस्तावेज को इसी साल जून में अमित शाह ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की वार्षिक रिपोर्ट-2025 के साथ जारी किया था।

उस समय शाह ने कहा था कि सरकार नशीले पदार्थों के पूरे नेटवर्क के खिलाफ इतनी ताकत से कार्रवाई करेगी कि वह दशकों तक दोबारा खड़ा नहीं हो पाएगा।

उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार मौजूदा नशीले पदार्थ विरोधी कानूनों और व्यवस्था को और सख्त बनाने के लिए काम कर रही है। इसके तहत नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) में मौजूद कमियों की जाँच की जा रही है। इसके साथ ही ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्रीकर्सर केमिकल्स और साइकोट्रॉपिक पदार्थों के वर्गीकरण की भी समीक्षा की जा रही है।

कौन है वीरेंद्र सिंह बसोया?

बसोया को भारत वापस लाने की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रिया और अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल का नतीजा है। दिल्ली की एक अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया शुरू की और UAE में राजनयिक माध्यमों से उसके प्रत्यर्पण की कार्रवाई आगे बढ़ाई।

इस फरार ड्रग किंगपिन पर करोड़ों रुपये के अंतरराष्ट्रीय कोकीन और ड्रग सिंडिकेट को चलाने का आरोप है।

2024 में दिल्ली पुलिस ने 500 किलोग्राम से ज्यादा कोकीन जब्त की थी और इस मामले में पाँच लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें बसोया का सहयोगी जितेंद्र पाल सिंह और तुषार गोयल भी शामिल थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, बसोया ने इस मामले के मुख्य आरोपी तुषार गोयल को 100 खेप की हर डिलीवरी के लिए 3 करोड़ रुपए देने की पेशकश की थी। जितेंद्र पाल सिंह भारत में ड्रग कार्टेल के कामकाज की निगरानी कर रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, बसोया को पहले भी एक मामले में गिरफ्तार किया गया था लेकिन बाद में उसे जमानत मिल गई थी।

अपने बेटे की शादी से एक दिन पहले पुणे पुलिस ने दिल्ली में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी और करीब 3,000 करोड़ रुपए की ड्रग्स जब्त की थी। इसमें मेफेड्रोन भी शामिल था।

हालाँकि, पुलिस को उसके बेटे की शादी में बसोया की मौजूदगी की जानकारी मिल गई थी। पुलिस के सतर्क होने के बाद भी वह दुबई भागने में कामयाब हो गया था।